1 UPSC HINDI QUIZ 24.07.2025 DAILY QUIZ 1 / 5 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः नेचर रिव्यू बायोडायवर्सिटी में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में गैर-देशी (विदेशी) पौधों की प्रजातियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन प्रजातियों ने देशी पौधों की जगह लेना शुरू कर दिया है और पारिस्थितिकी तंत्र को स्थायी क्षति पहुँचा रही है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। EXPLANATION नेचर रिव्यू बायोडायवर्सिटी में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में गैर-देशी (विदेशी) पौधों की प्रजातियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन प्रजातियों ने देशी पौधों की जगह लेना शुरू कर दिया है और पारिस्थितिकी तंत्र को स्थायी क्षति पहुँचा रही है। जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियाँ विदेशी पौधों के प्रसार को बदतर बना रही हैं, जिससे ग्रेटर ट्रॉपिक्स में जैव विविधता और आजीविका को खतरा हो रहा है।अध्ययन में इन हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए तत्काल अनुसंधान और पुनर्स्थापन प्रयासों का आह्वान किया गया है। अध्ययन के प्रमुख बिंदु नेचर रिव्यूज़ बायोडायवर्सिटी में प्रकाशित नए शोध से पता चलता है कि आक्रामक पौधों की प्रजातियाँ दुनिया भर में व्यापक रूप से फैल गई हैं। कई क्षेत्रों में इनकी संख्या स्थानीय पौधों से भी ज़्यादा हो गई हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियां इन विदेशी प्रजातियों के प्रसार को तेज कर रही हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र में नए और अप्रत्याशित परिवर्तन हो रहे हैं। शोधकर्ताओं ने उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें सम्मिलित रूप से ‘ग्रेटर ट्रॉपिक्स’ कहा जाता है। यह क्षेत्र पृथ्वी की लगभग 60% भूमि को कवर करता है और इसकी अधिकांश जैव विविधता को समाहित करता है। लगभग एक अरब लोग अपनी आजीविका के लिए ग्रेटर ट्रॉपिक्स पर निर्भर हैं। • हवाई, मेडागास्कर और कैरिबियन जैसे स्थानिक हॉटस्पॉट गैर-देशी पौधों के भारी आक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। 2 / 5 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः गुजरात ने अपनी जनजातीय आबादी पर केंद्रित अपनी तरह की पहली जीनोम अनुक्रमण परियोजना शुरू की है। इस परियोजना का शीर्षक “गुजरात में जनजातीय आबादी के लिए संदर्भ जीनोम डेटाबेस का निर्माण” है, जैसा कि 2025-26 के बजट में घोषित किया गया है । जीनोम इंडिया परियोजना’ (GIP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के तहत 83 विविध समूहों से 20,000 जीनोम का विश्लेषण किया गया, जिन्हें भारतीय जैविक डाटा केंद्र में संग्रहीत किया गया है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं EXPLANATION गुजरात ने अपनी जनजातीय आबादी पर केंद्रित अपनी तरह की पहली जीनोम अनुक्रमण परियोजना शुरू की है।इस परियोजना का शीर्षक “गुजरात में जनजातीय आबादी के लिए संदर्भ जीनोम डेटाबेस का निर्माण” है, जैसा कि 2025-26 के बजट में घोषित किया गया है । जीनोम: डीएनए (या कुछ जीवों में आरएनए) का पूरा सेट जो किसी जीव के विकास और कार्य के लिए आवश्यक सभी आनुवंशिक निर्देशों को वहन करता है। यह परियोजना, हाल ही में पूर्ण हुई जीनोम इंडिया परियोजना (GIP) का एक स्थानीय विस्तार है, जिसे आगामी पाँच वर्षों में क्रियान्वित किया जाएगा।जनवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी की गई ‘जीनोम इंडिया परियोजना’ (GIP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के तहत 83 विविध समूहों से 10,000 जीनोम का विश्लेषण किया गया, जिन्हें भारतीय जैविक डाटा केंद्र में संग्रहीत किया गया है।गुजरात का सम्पूर्ण पूर्वी क्षेत्र अधिकांशतः जनजाति आबादी वाला क्षेत्र है तथा इसकी सीमाएँ राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से लगती हैं।गुजरात से लगभग 1,800 नमूने प्राप्त हुए, लेकिन उनमें से केवल 100 ही जनजाति समुदायों से थे, जो उनका पूर्ण प्रतिनिधित्व करने के लिए अपर्याप्त है। 3 / 5 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा के पास तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर 167.8 अरब डॉलर की लागत से बनने वाले बांध का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू कर दिया. इस परियोजना में तीन कैस्केड जलविद्युत स्टेशन शामिल होंगे, जिन पर कुल अनुमानित निवेश लगभग 1.2 ट्रिलियन युआन (लगभग 167.8 अरब अमेरिकी डॉलर) होगा। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। EXPLANATION चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा के पास तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर 167.8 अरब डॉलर की लागत से बनने वाले बांध का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू कर दिया. बांध का निर्माण शुरू करने से पहले ब्रह्मपुत्र नदी के निचले इलाके में भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया. चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने न्यिंगची शहर में ब्रह्मपुत्र नदी के निचले इलाके, जिसे स्थानीय रूप से यारलुंग जंगबो के नाम से जाना जाता है। यारलुंग त्सांगपो (या ज़ांगबो) नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना के निर्माण की मंज़ूरी पिछले साल दिसंबर में दी गई थी। दुनिया की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना मानी जा रही यह जलविद्युत परियोजना ने नीचे की ओर स्थित देशों — भारत और बांग्लादेश — में चिंता उत्पन्न की है। इस परियोजना में पाँच कैस्केड जलविद्युत स्टेशन शामिल होंगे, जिन पर कुल अनुमानित निवेश लगभग 1.2 ट्रिलियन युआन (लगभग 167.8 अरब अमेरिकी डॉलर) होगा। 4 / 5 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने GENIUS अधिनियमपर हस्ताक्षर किये, जिससे भुगतान स्टेबलकॉइन्स के लिये एक औपचारिक विनियामक ढाँचा स्थापित हुआ है। यह डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रति अमेरिकी सरकार की नीति-स्तरीय संलग्नता के एक नये चरण की शुरुआत को दर्शाता है। यह कानून उपभोक्ता सुरक्षा उपायों के माध्यम से उपयोगकर्त्ताओं के विश्वास को बढ़ाता है और अमेरिका को वैश्विक क्रिप्टो नेता बनाने का लक्ष्य रखता है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं EXPLANATION संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने GENIUS अधिनियम (Guiding and Establishing National Innovation for US Stablecoins) पर हस्ताक्षर किये, जिससे भुगतान स्टेबलकॉइन्स के लिये एक औपचारिक विनियामक ढाँचा स्थापित हुआ है। यह डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रति अमेरिकी सरकार की नीति-स्तरीय संलग्नता के एक नये चरण की शुरुआत को दर्शाता है। यह कानून उपभोक्ता सुरक्षा उपायों के माध्यम से उपयोगकर्त्ताओं के विश्वास को बढ़ाता है और अमेरिका को वैश्विक क्रिप्टो नेता बनाने का लक्ष्य रखता है। स्टेबलकॉइन (Stablecoins): स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसी हैं जिनका उद्देश्य अमेरिकी डॉलर या सोने जैसी पारंपरिक परिसंपत्तियों से जुड़कर स्थिर मूल्य बनाए रखना है। इस परिभाषा में डिजिटल राष्ट्रीय मुद्राएँ, जमा राशियाँ (टोकनयुक्त जमा राशियों सहित) और प्रतिभूतियाँ शामिल नहीं हैं। स्टेबलकॉइन रोज़मर्रा के प्रयोग के लिये डिज़ाइन किये गए हैं, जो बिटकॉइन जैसी अस्थिर क्रिप्टोकरेंसी के विपरीत मूल्य स्थिरता प्रदान करते हैं। ये आसान मूल्य हस्तांतरण को सक्षम बनाते हैं, वित्तीय सेवाओं का समर्थन करते हैं, तथा संपार्श्विक भंडार या एल्गोरिथम आपूर्ति नियंत्रण के माध्यम से स्थिरता बनाए रखते हैं। टीथर और यूएसडी कॉइन जैसे लोकप्रिय स्टेबलकॉइन अमेरिकी डॉलर द्वारा समर्थित हैं। • भारत एवं स्टेबलकॉइन: भारत, वर्तमान में स्टेबलकॉइन को मान्यता नहीं देता है, सभी क्रिप्टोकरेंसी को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 2(47A) के तहत वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के रूप में मानता है। वर्ष 2023 में, दुरुपयोग को रोकने और निगरानी बढ़ाने के लिये VDA को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत लाया गया था। 5 / 5 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः भारत सरकार ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 के तहत ऑफशोर एरिया एटोमिक मिनरल्स ऑपरेटिंग राइट नियम, 2025 अधिसूचित किये हैं। जो समुद्री क्षेत्रों में यूरेनियम और थोरियम जैसे एटोमिक मिनरल्स के अन्वेषण तथा खनन के लिये सख्त नियम लागू करते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। EXPLANATION भारत सरकार ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 के तहत ऑफशोर एरिया एटोमिक मिनरल्स ऑपरेटिंग राइट नियम, 2025 अधिसूचित किये हैं, जो समुद्री क्षेत्रों में यूरेनियम और थोरियम जैसे एटोमिक मिनरल्स के अन्वेषण तथा खनन के लिये सख्त नियम लागू करते हैं। नियम 2025 के मुख्य तथ्य: केवल सरकारी इकाइयों और केंद्र सरकार द्वारा नामित निजी कंपनियों को ही समुद्री क्षेत्र में एटोमिक मिनरल्स के अन्वेषण या खनन की अनुमति होगी। विदेशी इकाइयों या ठेकेदारों को कोई भी गतिविधि करने से पहले भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति लेनी होगी। लाइसेंस केवल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (CPSE) या केंद्र द्वारा नामित एजेंसियों को भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में जारी किये जाएंगे। ये नियम तब ही लागू होंगे जब समुद्री क्षेत्र में यूरेनियम या थोरियम की सांद्रता एक निर्धारित न्यूनतम ‘थ्रेशोल्ड वैल्यू’ से अधिक हो। यदि थ्रेशोल्ड से कम हो, तो ऑफशोर एरिया ऑपरेटिंग राइट नियम, 2024 लागू होंगे। अन्वेषण के बाद पर्यावरणीय और समुद्री बहाली अनिवार्य है तथा प्रभावित समुद्री तल की बहाली छह माह के भीतर करनी होगी। परमाणु खनिज: यूरेनियम और थोरियम जैसे परमाणु खनिजों का उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है। भारत में यूरेनियम सीमित मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन थोरियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो मुख्यतः तटीय राज्यों की मोनाज़ाइट रेत में पाया जाता है। केरल और ओडिशा में समृद्ध समुद्री रेत भंडार हैं, जिनमें मोनाज़ाइट में 8–10% थोरियम पाया जाता है। • जादूगोड़ा, झारखंड देश की पहली खदान है जहाँ व्यावसायिक स्तर पर यूरेनियम अयस्क का उत्पादन किया गया। Your score is LinkedIn Facebook Twitter VKontakte Post navigation ALL EXAM HINDI QUIZ 24.07.2025 ALL EXAM HINDI QUIZ 25.07.2025