Sun. Mar 22nd, 2026

PM-AASHA योजना का 2025-26 तक विस्तार

केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 2025-26 तक प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है।यह योजना 2018 में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक योजना के रूप में प्रारंभ की गई थी, विशेष रूप से दालों, तिलहन और खोपरा के लिए। इसका उद्देश्य किसानों के लिए लाभकारी मूल्य और कृषि क्षेत्र में मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री-आशा के प्रमुख घटक

मूल्य समर्थन योजना (PSS – Price Support Scheme):

  • दालों, तिलहनों और नारियल की सरकारी खरीद MSP पर की जाती है।
  • केंद्रीय नोडल एजेंसियां (CNAs) राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर खरीद प्रक्रिया को संचालित करती हैं।
  • सिर्फ “Fair Average Quality” (FAQ) मानकों को पूरा करने वाली उपज की खरीद होती है।

मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS – Price Deficiency Payment Scheme):

  • किसानों को MSP और बाजार मूल्य के अंतर की सीधी भरपाई की जाती है।
  • किसानों को पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है।
  • तिलहनों पर लागू, लेकिन इसमें शारीरिक रूप से उपज की खरीद नहीं होती।
  • नोटिफाइड मंडियों में पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के तहत कार्यान्वयन।

निजी खरीद और भंडारण योजना (PPSS – Private Procurement & Stockist Scheme) (प्रायोगिक आधार पर):

  • राज्यों को तिलहनों की खरीद में निजी स्टॉकिस्टों को शामिल करने की अनुमति।
  • चयनित कृषि उपज बाजार समितियों (APMCs) या जिलों में लागू।

PM-AASHA योजना की उपलब्धियां

खरीद संचालन का विस्तार

  • खरीफ 2024-25 सीजन के लिए 9 राज्यों में PSS के तहत 100% तूर (Tur), उड़द (Urad), और मसूर (Masur) की खरीद को मंजूरी।
  • किसानों को MSP का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सरकारी खरीद बढ़ाई गई।

खरीद लक्ष्य (Procurement Target)

  • 13.22 लाख मीट्रिक टन (LMT) दालों की खरीद का लक्ष्य।
  • अनेक राज्यों में किसानों को MSP पर अधिक खरीद का लाभ मिला।

किसानों को लाभ

  • अब तक 12,006 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
  • आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 0.15 LMT तूर (Tur) की खरीद।
  • प्रत्यक्ष खरीद से किसानों की आय में वृद्धि और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित।

बाजार स्थिरता और आयात में कमी

  • बफर स्टॉक बनाए रखने से बाजार मूल्य अस्थिरता को रोका गया।
  • घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित कर आयात निर्भरता घटाई।
  • खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर दालें उपलब्ध कराई गईं।

PM-AASHA योजना के लाभ

  • किसानों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
  • आयात निर्भरता में कमी
  • बाजार में स्थिरता
  • भंडारण और खरीद लागत में कमी

चिंताएँ

बजट संबंधी चिंताएँ: खरीद कार्यों के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित करना एक चुनौती बनी हुई है।केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 2025-26 तक प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है।यह योजना 2018 में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक योजना के रूप में प्रारंभ की गई थी, विशेष रूप से दालों, तिलहन और खोपरा के लिए। इसका उद्देश्य किसानों के लिए लाभकारी मूल्य और कृषि क्षेत्र में मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है।

सीमित क्रियान्वयन:  PDPS और PPSS को राज्यों द्वारा कम अपनाया गया है।

खरीद संबंधी बाधाएँ: सभी फसलों और क्षेत्रों में MSP कवरेज एक समान नहीं है।

जागरूकता और पहुँच संबंधी समस्याएँ: कई किसानों में जागरूकता की कमी है या पंजीकरण में नौकरशाही बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

प्रधानमंत्री-आशा के प्रमुख घटक

मूल्य समर्थन योजना (PSS – Price Support Scheme):

  • दालों, तिलहनों और नारियल की सरकारी खरीद MSP पर की जाती है।
  • केंद्रीय नोडल एजेंसियां (CNAs) राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर खरीद प्रक्रिया को संचालित करती हैं।
  • सिर्फ “Fair Average Quality” (FAQ) मानकों को पूरा करने वाली उपज की खरीद होती है।

मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS – Price Deficiency Payment Scheme):

  • किसानों को MSP और बाजार मूल्य के अंतर की सीधी भरपाई की जाती है।
  • किसानों को पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है।
  • तिलहनों पर लागू, लेकिन इसमें शारीरिक रूप से उपज की खरीद नहीं होती।
  • नोटिफाइड मंडियों में पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के तहत कार्यान्वयन।

निजी खरीद और भंडारण योजना (PPSS – Private Procurement & Stockist Scheme) (प्रायोगिक आधार पर):

  • राज्यों को तिलहनों की खरीद में निजी स्टॉकिस्टों को शामिल करने की अनुमति।
  • चयनित कृषि उपज बाजार समितियों (APMCs) या जिलों में लागू।

PM-AASHA योजना की उपलब्धियां

खरीद संचालन का विस्तार

  • खरीफ 2024-25 सीजन के लिए 9 राज्यों में PSS के तहत 100% तूर (Tur), उड़द (Urad), और मसूर (Masur) की खरीद को मंजूरी।
  • किसानों को MSP का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सरकारी खरीद बढ़ाई गई।

खरीद लक्ष्य (Procurement Target)

  • 13.22 लाख मीट्रिक टन (LMT) दालों की खरीद का लक्ष्य।
  • अनेक राज्यों में किसानों को MSP पर अधिक खरीद का लाभ मिला।

किसानों को लाभ

  • अब तक 12,006 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
  • आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 0.15 LMT तूर (Tur) की खरीद।
  • प्रत्यक्ष खरीद से किसानों की आय में वृद्धि और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित।

बाजार स्थिरता और आयात में कमी

  • बफर स्टॉक बनाए रखने से बाजार मूल्य अस्थिरता को रोका गया।
  • घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित कर आयात निर्भरता घटाई।
  • खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर दालें उपलब्ध कराई गईं।

PM-AASHA योजना के लाभ

  • किसानों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
  • आयात निर्भरता में कमी
  • बाजार में स्थिरता
  • भंडारण और खरीद लागत में कमी

चिंताएँ

  • सीमित क्रियान्वयन:  PDPS और PPSS को राज्यों द्वारा कम अपनाया गया है।
  • खरीद संबंधी बाधाएँ: सभी फसलों और क्षेत्रों में MSP कवरेज एक समान नहीं है।
  • जागरूकता और पहुँच संबंधी समस्याएँ: कई किसानों में जागरूकता की कमी है या पंजीकरण में नौकरशाही बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
  • बजट संबंधी चिंताएँ: खरीद कार्यों के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित करना एक चुनौती बनी हुई है।

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