जनजातीय सांस्कृतिक समागम 2025 महाकुंभ में आयोजित किया जा रहा है।
6 फरवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में जनजातीय सांस्कृतिक समागम 2025 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर से 15,000 से अधिक आदिवासी भाग लेंगे।
इस भव्य सांस्कृतिक समागम का उद्देश्य भारत के आदिवासी समुदायों की समृद्ध विरासत, परंपराओं और योगदान का जश्न मनाना है।
छह दिवसीय कार्यक्रम के दौरान, सभी लोग आदिवासियों की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करने की शपथ लेंगे।
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, वर्ष 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किया गया है।
श्री बिरसा मुंडा को देशभर के आदिवासी समुदाय भगवान मानते हैं।
बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था की शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और ब्रिटिश उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया।
इस आयोजन के दौरान जनजातीय उत्थान के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और पहलों, जैसे शिक्षा छात्रवृत्ति, कौशल विकास कार्यक्रम और आर्थिक सशक्तिकरण परियोजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।