Sun. Mar 22nd, 2026
  • संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका भारतीय परमाणु इकाइयों पर से प्रतिबंध हटाएगा।
  • अमेरिकी सरकार भारतीय परमाणु संस्थाओं पर प्रतिबंध हटाने की योजना बना रही है।
  • इन प्रतिबंधों ने प्रमुख भारतीय परमाणु संस्थाओं और अमेरिकी कंपनियों के बीच सहयोग को रोक दिया है।
  • यह 2005 के ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर 2008 में हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन नियामक बाधाओं के कारण भारत को अमेरिकी परमाणु रिएक्टरों की आपूर्ति की योजना लागू नहीं हो पाई।
  • परमाणु ऊर्जा विभाग से जुड़े कई संगठन परमाणु सहयोग और वाणिज्य के लिए प्रतिबंधित संस्थाओं की सूची में हैं।
  • इसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) आदि शामिल हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के अंतर्गत शामिल नहीं होने वाले परमाणु रिएक्टर भी अमेरिका द्वारा सूचीबद्ध भारतीय परमाणु संस्थाओं में से हैं।

Login

error: Content is protected !!