भारत को वर्ष 2025-2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग (PBC) में पुनः निर्वाचित किया गया है। इस आयोग में भारत का वर्तमान कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा था।भारत लगातार 19 साल से इस आयोग का सदस्य है।
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग
- संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग (PBC) की स्थापना 2005 में संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद ने की थी। तब से भारत इसका सदस्य है।
- PBC एक सलाहकार निकाय है, जो युद्ध से प्रभावित देशों में शांति के प्रयास का काम करता है।
- इतिहास: संयुक्त राष्ट्र ने शांति स्थापना की शुरुआत 1948 में की, जब सैन्य पर्यवेक्षकों को पश्चिम एशिया भेजा गया। इस मिशन का उद्देश्य इजरायल और उसके अरब पड़ोसियों के बीच युद्धविराम समझौते की निगरानी करना था।
मुख्य सिद्धांत
संयुक्त राष्ट्र की शांति स्थापना तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है
- पार्टियों की सहमति (Consent of the Parties): मिशन तभी शुरू किया जाता है जब संबंधित पक्ष अपनी सहमति देते हैं।
- निष्पक्षता (Impartiality): शांति स्थापना मिशन निष्पक्ष रहते हुए कार्य करता है और किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करता।
- सीमित बल प्रयोग (Non-use of Force): आत्मरक्षा या जनादेश की रक्षा के अलावा बल प्रयोग की अनुमति नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की भूमिकाएं
- नागरिकों और संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की सुरक्षा: शांति सैनिक संघर्ष क्षेत्रों में आम नागरिकों और संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों को हिंसा से बचाने का कार्य करते हैं।
- विवादित सीमाओं की निगरानी: संघर्ष के दौरान और युद्धविराम के बाद, शांति सैनिक सीमाओं पर निगरानी करते हैं ताकि शांति समझौतों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
- शांति प्रक्रियाओं का अवलोकन: संघर्ष के बाद के क्षेत्रों में, शांति सैनिक शांति प्रक्रिया को सफलतापूर्वक लागू करने और स्थिरता बनाए रखने में सहायता करते हैं।
- सुरक्षा प्रदान करना: संघर्ष क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और महत्वपूर्ण संसाधनों को सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
- शांति समझौतों को लागू करना: पूर्व लड़ाकों (ex-combatants) को शांति समझौतों को लागू करने में मदद करना, जैसे कि उन्हें पुनर्वासित करना या उनके पुनः समाजीकरण में सहायता देना।
| इतिहास में भूमिका: 1950 के दशक से भारत शांति स्थापना मिशनों में सक्रिय रहा है। अब तक भारत ने 2,60,000 से अधिक सैनिकों को 49 से अधिक मिशनों में योगदान दिया है। महिलाओं की भागीदारी: भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में महिला पुलिस इकाई (Female Formed Police Unit) भेजने वाला पहला देश होने का गौरव प्राप्त किया है। शांति प्रयासों में शहीद: भारत ने संयुक्त राष्ट्र अभियानों में सबसे अधिक बलिदान दिया है। लगभग 179 भारतीय सैनिक शांति स्थापित करने के प्रयासों में शहीद हुए हैं। आर्थिक योगदान: भारत आर्थिक रूप से भी शांति स्थापना अभियानों में योगदान देता है। |
भारत का योगदान:
सबसे बड़ा सैन्य योगदानकर्ता
- भारत संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping Force) में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है।
- वर्तमान में 8 मिशनों में भारत के लगभग 6,000 सैनिक और पुलिस कर्मी तैनात हैं।
ये मिशन निम्नलिखित देशों में चल रहे हैं
- मध्य अफ्रीकी गणराज्य
- साइप्रस
- कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
- लेबनान
- मध्य पूर्व
- सोमालिया
- दक्षिण सूडान
- पश्चिमी सहारा
