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- भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 के अनुसार, भारत का वन क्षेत्र 1,445 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है।
- भारत का कुल वन और वृक्ष क्षेत्र 8 लाख 27 हजार 357 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17 प्रतिशत है।
- इसमें से 7 लाख 15 हजार 343 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत है जबकि 1 लाख 12 हजार 14 वर्ग किलोमीटर वृक्ष क्षेत्र है।
- वन एवं वृक्ष आवरण में सर्वाधिक वृद्धि छत्तीसगढ़ में 684 वर्ग किलोमीटर दर्ज की गई है।
- इसके बाद उत्तर प्रदेश और ओडिशा का स्थान है, जिनमें से प्रत्येक में 559 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
- वन क्षेत्र के मामले में मिजोरम, गुजरात और ओडिशा शीर्ष तीन अग्रणी राज्य रहे।
- मिजोरम में 242 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई, इसके बाद गुजरात (180 वर्ग किलोमीटर) और ओडिशा (152 वर्ग किलोमीटर) का स्थान रहा।
- वनों और वृक्षों से आच्छादित कुल क्षेत्रफल के मामले में मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और महाराष्ट्र सबसे आगे हैं।
- लक्षद्वीप (91.33%) में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के सापेक्ष वन आवरण के मामले में सबसे अधिक प्रतिशत है।
- इसके बाद मिजोरम (85.34%) और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (81.62%) का स्थान है।
- मूल्यांकन के अनुसार, 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उनके भौगोलिक क्षेत्रफल का 33 प्रतिशत से अधिक भाग वन आवरण के अंतर्गत है।
- आठ राज्यों में वन आवरण 75 प्रतिशत से अधिक है।
- भारत का मैंग्रोव आवरण 4,992 वर्ग किलोमीटर होने का अनुमान है। बांस वाले क्षेत्रों में भी वृद्धि देखी गई है।
- वनों के बाहर के पेड़ों से संभावित वार्षिक लकड़ी उत्पादन 91.51 मिलियन क्यूबिक मीटर होने का अनुमान लगाया गया है।
- भारत के वनों में कार्बन स्टॉक रिपोर्ट का एक अन्य प्रमुख बिंदु है। वर्तमान अनुमान 7,285.5 मिलियन टन है।
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