Sun. Feb 1st, 2026
  • केंद्र ने कहा कि भारतीय फार्मा सेक्टर को विश्व स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा माना जाता है, जिसका मूल्य वित्त वर्ष 2023-24 में 50 बिलियन डॉलर था।
  • केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के अनुसार, भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग विश्व स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा उद्योग माना जाता है और वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसका मूल्य 50 बिलियन डॉलर था।
  • वित्त वर्ष 2023-24 में घरेलू फार्मास्युटिकल बाजार का मूल्य 23.5 बिलियन डॉलर था, जिसमें निर्यात का योगदान 26.5 बिलियन डॉलर था।
  • भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग की वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति है और उत्पादन मूल्य के मामले में यह 14वें स्थान पर है।
  • इसके पास जेनेरिक दवाओं, बल्क ड्रग्स, ओवर-द-काउंटर दवाओं, टीकों, बायोसिमिलर और बायोलॉजिक्स सहित अत्यधिक विविध उत्पाद पोर्टफोलियो है।
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2024 में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए स्थिर मूल्यों पर फार्मास्युटिकल, औषधीय और वनस्पति उत्पाद उद्योग का कुल उत्पादन ₹4,56,246 करोड़ था।
  • इसी अवधि के दौरान उद्योग ने मूल्य संवर्धन में ₹1,75,583 करोड़ का योगदान दिया।
  • इसी अवधि के दौरान इस क्षेत्र में 9,25,811 लोगों को रोजगार मिला।
  • फार्मास्युटिकल विभाग द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में सात राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) स्थापित किए गए हैं।

Login

error: Content is protected !!