हर साल 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है।
विश्व शौचालय दिवस 2024 का विषय ” शौचालय- शांति के लिए एक स्थान है।”
विश्व शौचालय दिवस 2013 से प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 24 जुलाई 2013 को विश्व शौचालय दिवस को अपनाया।
2023 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक असुरक्षित पानी, साफ-सफाई और स्वच्छता के चलते हर दिन पांच साल से कम उम्र के लगभग 1000 बच्चों की मौत हो जाती है।
बेहतर स्वच्छता की वजह से संभावित रूप से सालाना 1.4 मिलियन लोगों की जान बचाई जा सकती है, जिससे साफ है कि इस क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई की ज़रुरत है।
2.2 बिलियन लोगों के पास अभी भी सुरक्षित रूप से प्रबंधित पेयजल तक पहुंच नहीं है, और 2 बिलियन लोगों के पास बुनियादी स्वच्छता सेवाएं नहीं हैं, जिनमें 653 मिलियन लोग बिना किसी सुविधा के रह रहे हैं।
2024 में, भारत “हमारा शौचालय: हमारा सम्मान” अभियान शुरू करने जा रहा है, जो 19 नवंबर से शुरू होगा और 10 दिसंबर 2024 को मानवाधिकार दिवस के मौके पर समाप्त होगा
इससे स्वच्छता को मानव अधिकारों तथा विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए सम्मान और गोपनीयता की वैश्विक आवश्यकता से जोड़ा जाएगा।
2014 में अपने शुभारंभ के बाद से, स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) ने भारत में स्वच्छता में परिवर्तन किया है, 11.73 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया है और एसबीएम-ग्रामीण के तहत 5.57 लाख ओडीएफ प्लस गांवों का लक्ष्य हासिल किया है।
इस पहल से सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रिपोर्ट दी है कि 2014 की तुलना में 2019 तक डायरिया से होने वाली मौतों में 300,000 की कमी आई है।