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भारत और जापान ने भारतीय नौसेना के लिए यूनिकॉर्न (यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना) मस्तूल के “सह-विकास” के लिए कार्यान्वयन ज्ञापन (एमओआई) पर हस्ताक्षर किए ।इस समझौते पर 15 नवंबर 2024 को जापान के टोक्यो में हस्ताक्षर किए गए । यह 2016 में रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण पर द्विपक्षीय समझौते के बाद रक्षा उपकरणों में पहला भारत-जापान संयुक्त उत्पादन उद्यम है।इस समझौता ज्ञापन पर जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज और जापानी रक्षा मंत्रालय के अधीन अधिग्रहण प्रौद्योगिकी एवं रसद एजेंसी (एटीएलए) के आयुक्त इशिकावा ताकेशी ने हस्ताक्षर किए।

यूनिकॉर्न

  • यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना (यूनिकॉर्न), जिसे नोरा-50 के नाम से भी जाना जाता है, जापान के एनईसी कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित एक एकीकृत एंटीना सिस्टम है। यह वर्तमान में जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जापानी नौसेना) के मोगामी-क्लास फ्रिगेट के मस्तूल पर स्थापित है।
  • यूनिकॉर्न सिस्टम एक एंटीना मास्ट है जिसमें संचार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और नेविगेशन के लिए सेंसर और ट्रांसपोंडर लगे हैं। यह नौसेना के जहाजों की गुप्त क्षमता को बढ़ाता है।

भारत में UNICORN का निर्माण कौन करेगा

  • भारतीय नौसैनिक जहाजों में उपयोग किए जाने वाले यूनिकॉर्न का उत्पादन बेंगलुरू स्थित सार्वजनिक रक्षा क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) द्वारा जापान की एनईसी कॉरपोरेशन की सहायता से किया जाएगा।

समझौते की पृष्ठभूमि

  • 20 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों की तीसरी भारत जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के समापन के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया।   संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत को जापान और उससे संबंधित प्रौद्योगिकियों के निर्यात में प्रगति हुई है।
  • संयुक्त वक्तव्य में घोषणा की गई कि दोनों देशों ने मानवरहित जमीनी वाहनों (यूजीवी) पर अपनी संयुक्त अनुसंधान परियोजना पूरी कर ली है।
  • दोनों देशों के बीच वर्तमान कार्यान्वयन ज्ञापन (एमओआई) पर दोनों देशों की 2+2 बैठक के बाद हस्ताक्षर किए गए हैं।

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