दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट ‘स्टारशिप‘ का छठा टेस्ट बुधवार(20/11/2024) को भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे टेक्सास के बोका चिका से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
मुख्य बिंदु
स्टारशिप का छठा टेस्ट
- टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया।
- नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी टेस्ट देखा।
लैंडिंग प्रक्रिया
- बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच करने का प्रयास किया गया।
- तकनीकी कारणों से बूस्टर को पानी में लैंड कराया गया।
- स्टारशिप के इंजन को स्पेस में दोबारा चालू कर हिंद महासागर में लैंडिंग की गई।
स्पेसएक्स की सफलता
- इंजन रीस्टार्ट करने की क्षमता कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- भविष्य में इसका उपयोग डीऑर्बिट बर्न में होगा।
वैल्यूएबल डेटा प्राप्त हुआ
- हायर एंगल ऑफ अटैक पर फ्लाई करने से फ्लैप कंट्रोल और थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम का डेटा मिला।
- इस डेटा से स्टारशिप के डिजाइन और सिस्टम्स में सुधार संभव होगा।
पांचवें टेस्ट की प्रमुख जानकारी
- लॉन्चपैड पर बूस्टर कैच
- स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर को हुआ।
- पहली बार सुपर हैवी बूस्टर को 96 किमी ऊपर भेजकर लॉन्चपैड पर वापस लाया गया।
- बूस्टर को ‘मैकेजिला’ ने कैच किया, जो दो मेटल आर्म्स (चॉपस्टिक्स जैसी) हैं।
री–एंट्री और लैंडिंग
- स्टारशिप ने पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग की।
- री-एंट्री के समय रफ्तार 26,000 किमी/घंटा और तापमान 1,430°C तक पहुंचा।
स्टारशिप और सुपर हैवी इंजन
- स्टारशिप में 6 रैप्टर इंजन और सुपर हैवी में 33 रैप्टर इंजन लगे हैं।
- स्टारशिप एक अत्याधुनिक रॉकेट और अंतरिक्षयान प्रणाली है जिसे स्पेसएक्स (SpaceX) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।
- यह भविष्य के अंतरग्रहीय मिशनों जैसे चंद्रमा, मंगल ग्रह, और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए बनाया गया है। स्टारशिप का उद्देश्य भारी पेलोड ले जाना और मानव को अंतरिक्ष में सुरक्षित रूप से भेजना है।
स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन
- एलन मस्कद्वारा स्थापित।
- 2002में स्थापित।
- यह एकअमेरिकी एयरोस्पेस निर्माता और अंतरिक्ष परिवहन सेवा कंपनी है।
- यहउपग्रह (2010 में ड्रैगन) लॉन्च करने वाली पहली निजी कंपनी है।
- स्पेसएक्स नेएक ही मिशन में 143 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
स्टारशिप की मुख्य विशेषताएं
संरचना और डिजाइन
- सुपर हैवी बूस्टर: लॉन्च के लिए आवश्यक प्रारंभिक थ्रस्ट प्रदान करता है।
- स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट: पेलोड और यात्रियों को ले जाने वाला मुख्य भाग।
- दोनों भाग स्टेनलेस स्टील से बने हैं और पुन: उपयोग योग्य (reusable) हैं।
रैप्टर इंजन
- सुपर हैवी बूस्टर में 33 रैप्टर इंजन हैं।
- स्टारशिप में 6 रैप्टर इंजन हैं।
- ये इंजन तरल मीथेन (Liquid Methane) और तरल ऑक्सीजन (Liquid Oxygen) का उपयोग करते हैं।
पेलोड क्षमता
- स्टारशिप लगभग 150 टन तक का पेलोड पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में ले जा सकता है।
- इसे भविष्य में 100 से अधिक यात्रियों को मंगल ग्रह तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
लॉन्च और लैंडिंग
- सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्च के बाद पृथ्वी पर पुनः उपयोग के लिए कैच किया जाता है।
- स्टारशिप को स्पेस में अपने इंजन रीस्टार्ट कर नियंत्रित लैंडिंग के लिए डिजाइन किया गया है।
री–एंट्री सिस्टम
- स्टारशिप पृथ्वी पर वायुमंडल में प्रवेश करते समय हायर एंगल ऑफ अटैक का उपयोग करता है।
- यह फ्लैप कंट्रोल और थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम के जरिए तापमान को संभालता है।
