4 नवंबर को डीआरडीओ द्वारा 75 किलोमीटर निर्देशित पिनाका रॉकेट प्रणाली का उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
प्रोविजनल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट्स (पीएसक्यूआर) सत्यापन परीक्षणों के भाग के रूप में निर्देशित पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट (एमबीआरएल) प्रणाली के उड़ान परीक्षणों के सफल समापन के बाद, इसके शामिल होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इससे पिनाक की मारक क्षमता 75 किलोमीटर से अधिक हो गई है।
उड़ान परीक्षण विभिन्न फील्ड फायरिंग रेंजों पर तीन चरणों में आयोजित किए गए।
इन परीक्षणों के दौरान, रॉकेटों का बड़े पैमाने पर परीक्षण किया गया ताकि सैल्वो मोड में कई लक्ष्यों के विरुद्ध रेंज, सटीकता, स्थिरता और फायर दर जैसे पीएसक्यूआर मापदंडों का मूल्यांकन किया जा सके।
प्रत्येक उत्पादन एजेंसी के 12 रॉकेटों का परीक्षण, लांचर उत्पादन एजेंसियों द्वारा उन्नत किए गए दो सेवारत पिनाका लांचरों से किया गया है।
भारतीय सेना में चार पिनाका रेजिमेंट सेवा में हैं तथा छह और रेजिमेंट का ऑर्डर दिया गया है।
पिनाका एमके1 की रेंज 38 किलोमीटर है और इसके कई विस्तारित रेंज वेरिएंट विकसित किए जा रहे हैं। यह कई तरह के गोला-बारूद दाग सकता है।
अंततः इसकी रेंज को 120 किलोमीटर और फिर 300 किलोमीटर तक बढ़ाने की योजना है।