राष्ट्र के प्रति पुलिस कर्मियों की निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को सम्मानित करने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 21 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दिन 1959 में भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवान शहीद हो गए थे।
1962 में आयोजित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)/पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सम्मेलन में इन दस बहादुर पुलिसकर्मियों की स्मृति को सम्मानित करने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कहा कि 2023 में 216 पुलिसकर्मियों ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
आजादी के बाद से अब तक 36,468 पुलिसकर्मी देश के लिए बलिदान दे चुके हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने पुलिस स्मृति दिवस 2018 पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली को राष्ट्र को समर्पित किया था।
स्मारक में एक केंद्रीय मूर्तिकला, ‘वीरता की दीवार’ और एक संग्रहालय शामिल हैं।
केंद्रीय मूर्ति 30 फुट ऊंची ग्रेनाइट की एकाश्म प्रतिमा है। यह पुलिस कर्मियों की शक्ति, लचीलापन और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
वीरता की दीवार पर शहीदों के नाम उकेरे गए हैं। यह पुलिस कर्मियों की बहादुरी और बलिदान की दृढ़ स्वीकृति के रूप में खड़ा है।