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- हिमाचल विधानसभा ने मानसून सत्र में शून्यकाल की शुरुआत की।
- हिमाचल विधानसभा ने शून्यकाल शुरू करने का फैसला किया है। इसका उपयोग केवल तत्काल सार्वजनिक महत्व के मामलों के लिए किया जाएगा।
- इस समय जिन मुद्दों पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है, उन्हें उठाया जाएगा।
- इस प्रावधान से महत्वपूर्ण मुद्दों पर अन्य नियमों के तहत आम तौर पर लगाए गए समय की बाध्यता के बिना चर्चा की जा सकेगी।
- संसद में “प्रश्नकाल” समाप्त होने के ठीक बाद “शून्यकाल” शुरू होता है। यह दोपहर 12 बजे शुरू होता है।
- भारतीय संसदीय मामलों में शून्यकाल की शुरुआत 1962 में की गई थी। यह भारतीय संसदीय प्रक्रियाओं का एक नवाचार है।
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