0 UPSC EXAM HINDI QUIZ 14.08.2024 Daily Quiz 1 / 5 Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. NITI आयोग ने ‘स्ट्रेटेजी फॉर द डेवलपमेंट ऑफ सी-वीड वैल्यू चेन’ शीर्षक से प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में भारत में सी-वीड के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। 2. इसमें सी-वीड उत्पादन बढ़ाने के लिये अनुसंधान, निवेश, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास और बाज़ार संवर्द्धन के लिये उपाय शामिल हैं, जिससे पर्यावरण, अर्थव्यवस्था एवं स्थानीय समुदायों को लाभ हो सकता है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: NITI आयोग ने ‘स्ट्रेटेजी फॉर द डेवलपमेंट ऑफ सी-वीड वैल्यू चेन’ शीर्षक से प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में भारत में सी-वीड के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इसमें सी-वीड उत्पादन बढ़ाने के लिये अनुसंधान, निवेश, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास और बाज़ार संवर्द्धन के लिये उपाय शामिल हैं, जिससे पर्यावरण, अर्थव्यवस्था एवं स्थानीय समुदायों को लाभ हो सकता है। सी-वीड ये जड़, तने और पत्तियों से रहित आदिकालीन, गैर-पुष्पीय समुद्री शैवाल हैं जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। बड़े सी-वीड गहन जल में अंतर्जलीय वन का निर्माण करते हैं जिन्हें केल्प वन के रूप में जाना जाता है, जो मत्स्य, घोंघे और सी-अर्चिन/जलसाही (एक छोटा समुद्री जीव जिसके शरीर पर गोल, काँटेदार कवच होता है) के लिये नर्सरी के रूप में कार्य करते हैं। सी-वीड की कुछ प्रजातियाँ हैं: गेलिडिएला एसेरोसा (Gelidiella acerosa), ग्रेसिलेरिया एडुलिस (Gracilaria edulis), ग्रेसिलेरिया क्रैसा (Gracilaria crassa), ग्रेसिलेरिया वेरुकोसा (Gracilaria verrucosa), सार्गासम एसपीपी (Sargassum spp.) और टर्बिनेरिया एसपीपी (Turbinaria spp.) इसे हरे (क्लोरोफाइटा), भूरे (फियोफाइटा) और लाल (रोडोफाइटा) समूहों में वर्गीकृत किया गया है। 2 / 5 Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. पिछले दो वर्षों में सर्दियों के चरम मौसम के दौरान दूसरी बार अंटार्कटिका में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। 2. पोलर वोर्टेक्स/ध्रुवीय भँवर (जिसे पोलर पिग के नाम से भी जाना जाता है) पृथ्वी के दोनों ध्रुवों के आस-पास निम्न दाब और ठंडी पवनों का एक बड़ा क्षेत्र है। 3. "वोर्टेक्स" शब्द का अर्थ पवन के वामावर्त प्रवाह से है जो ध्रुवों के निकट ठंडी पवन को बनाए रखने में सहायता करता है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: पिछले दो वर्षों में सर्दियों के चरम मौसम के दौरान दूसरी बार अंटार्कटिका में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। जुलाई के मध्य से हीटवेब के कारण स्थलीय तापमान औसतन सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है, और कभी-कभी 28 डिग्री तक अधिक रहा है। ध्रुवीय भँवर/पोलर वोर्टेक्स का कमज़ोर होना पोलर वोर्टेक्स/ध्रुवीय भँवर (जिसे पोलर पिग के नाम से भी जाना जाता है) पृथ्वी के दोनों ध्रुवों के आस-पास निम्न दाब और ठंडी पवनों का एक बड़ा क्षेत्र है। "वोर्टेक्स" शब्द का अर्थ पवन के वामावर्त प्रवाह से है जो ध्रुवों के निकट ठंडी पवन को बनाए रखने में सहायता करता है। यह हमेशा ध्रुवों के निकट मौजूद रहता है लेकिन गर्मियों में कमज़ोर हो जाता है व सर्दियों में मज़बूत हो जाता है। उच्च तापमान और शक्तिशाली वायुमंडलीय तरंगों (वायुमंडलीय चर के क्षेत्रों में आवधिक अवरोध) ने वोर्टेक्स/भँवर को बाधित कर दिया। इससे ऊपर से आने वाली गर्म पवनों ने नीचे पहुँच कर ठंडी पवनों को प्रतिस्थापित कर दिया। इन गर्म पवनों के आगमन ने क्षेत्र के तापमान में वृद्धि की। 3 / 5 Q3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. वैज्ञानिकों ने समुद्री ड्रिलिंग पोत JOIDES रिज़ॉल्यूशन का उपयोग करके पृथ्वी के मेंटल से चट्टान में अब तक की सबसे गहराई तक ड्रिलिंग की है। 2. यह ड्रिलिंग अटलांटिक समुद्र तल से 3,160 फीट (1,268 मीटर) नीचे तक गई है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: वैज्ञानिकों ने समुद्री ड्रिलिंग पोत JOIDES रिज़ॉल्यूशन का उपयोग करके पृथ्वी के मेंटल से चट्टान में अब तक की सबसे गहराई तक ड्रिलिंग की है। यह ड्रिलिंग अटलांटिक समुद्र तल से 4,160 फीट (1,268 मीटर) नीचे तक गई है।इस ड्रिलिंग से पृथ्वी के सबसे आयतन वाली परत (most voluminous layer) मेंटल के रॉक का एक बड़ा सैंपल प्राप्त निकाला गया है। यह बेलनाकार कोर सैंपल मेंटल के ऊपरी हिस्से की संरचना और केमिकल रिएक्शन के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। मेंटल परत की चट्टानें इतनी गहराई में होती है कि उन्हें प्राप्त करना मुश्किल होता है। हालांकि, समुद्र तल में कुछ जगह ऐसी हैं जहां ये मेन्टल चट्टानें बाहर दिखती हैं। ऐसी ही एक जगह है अटलांटिस मैसिफ (Atlantis Massif), जो कि पानी के नीचे का टीला या माउंटेन हैं जहाँ मेंटल चट्टान समुद्र तल पर दिखती है। 4 / 5 Q4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. SJVN ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (SGEL) ने 50 मेगावाट की ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना शुरू की। 2. SJVN लिमिटेड भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक मिनी रत्न अनुसूची 'A' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSU) है। 3. मध्य प्रदेश के खंडवा ज़िले में स्थित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क में स्थित है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: SJVN ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (SGEL) ने 90 मेगावाट की ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना शुरू की। SJVN लिमिटेड भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक मिनी रत्न अनुसूची 'A' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSU) है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना मध्य प्रदेश के खंडवा ज़िले में स्थित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क में स्थित है। यह पार्क भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पार्क है। इस परियोजना का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन में 2.3 लाख टन CO2 की उल्लेखनीय कमी लाना है, जिससे वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। यह जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी सहायता करेगा। भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता जून 2024 तक 85.47 गीगावाट तक पहुँचकर उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। मई 2024 तक, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की कुल स्थापित क्षमता 195.01 गीगावाट है, जिसमें 46.65 गीगावाट पवन ऊर्जा, 10.35 गीगावाट बायोमास/सह-उत्पादन, 5 गीगावाट लघु जल विद्युत, 0.59 गीगावाट अपशिष्ट से ऊर्जा और 46.92 गीगावाट वृहत् जल विद्युत शामिल है। 5 / 5 Q5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. माइक्रोवेव ओवन जैसे चरम ताप वाले वातावरण में पनपने वाले सूक्ष्मजीवों के विकासवादी अनुकूलन को समझने के लिये उन पर अध्ययन किया गया है। 2. ये प्रमुख जीवाणु बैसिलस, माइक्रोकॉकस और स्टैफिलोकोकस जेनेरा से संबंधित थे, जो आम तौर पर मानव त्वचा एवं सतहों पर रहते हैं जिन्हें लोग प्रायः छूते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: माइक्रोवेव ओवन जैसे चरम ताप वाले वातावरण में पनपने वाले सूक्ष्मजीवों के विकासवादी अनुकूलन को समझने के लिये उन पर अध्ययन किया गया है। मुख्य निष्कर्ष ये प्रमुख जीवाणु बैसिलस, माइक्रोकॉकस और स्टैफिलोकोकस जेनेरा से संबंधित थे, जो आम तौर पर मानव त्वचा एवं सतहों पर रहते हैं जिन्हें लोग प्रायः छूते हैं। क्लेबसिएला (Klebsiella) और ब्रेवुंडिमोनस (Brevundimonas) सहित खाद्य जनित बीमारियों से जुड़े बैक्टीरिया के कुछ प्रकार भी घरेलू माइक्रोवेव में विकसित हुए। प्रयोगशाला माइक्रोवेव ओवन में बैक्टीरिया की सबसे बड़ी आनुवंशिक विविधता (एक प्रजाति के भीतर जीन में भिन्नता) थी। माइक्रोवेव हीटिंग ऊष्मा उत्पन्न करने और भोजन में अधिकांश सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने के लिये विद्युत चुंबकीय तरंगों (300 मेगाहर्ट्ज़ से 300 गीगाहर्ट्ज़) का उपयोग करता है। Your score is LinkedIn Facebook Twitter VKontakte Post navigation ALL EXAM QUIZ 14.08.2024 ALL EXAM QUIZ 16.08.2024