केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत सरकार के सभी विज्ञान मंत्रालयों और विभागों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय भू-स्थानिक डेटा रिपोजिटरी और पीपीपी मॉडल का प्रस्ताव रखा।
अंतरिक्ष विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय किसानों, ग्रामीण कारीगरों और अन्य लोगों के कल्याण के लिए अभिनव और स्वदेशी उत्पाद बनाने के लिए उद्योग और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र का उपयोग करने के लिए एक एकीकृत भू-स्थानिक इंटरफ़ेस बनाएंगे।
भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के एकीकृत वेब रिपोजिटरी को लाइव किया जाएगा और फीडबैक मंत्री के साथ साझा किया जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत सभी प्रकार के शोध के लिए ‘एक सामान्य पोर्टल’ की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रस्तावित “विज्ञान शक्ति” पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की।
उन्होंने पीपीपी मोड में गैर-सरकारी क्षेत्रों के सहयोग से ज्ञान और संसाधनों के पूलिंग के आधार पर टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र के मंत्र पर भी प्रकाश डाला।