Sat. Apr 4th, 2026
  • वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के कार्यान्वयन को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन करोड़ नए घर बनाए जाएंगे।
  • इनमें से दो करोड़ घर ग्रामीण इलाकों में और एक करोड़ घर शहरी इलाकों में बनाए जाएंगे।
  • योजना पर बजटीय प्रावधान 3 लाख 6 हजार 137 करोड़ रुपये का होगा।
  • पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत सरकार एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • सरकार राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और प्राथमिक ऋण संस्थानों (पीएलआई) के माध्यम से सहायता प्रदान करेगी।
  • यह सहायता पांच वर्षों में शहरी क्षेत्रों में किफायती कीमत पर मकान बनाने, खरीदने या किराये पर देने के लिए होगी।
  • इस योजना के तहत 2.30 लाख करोड़ रुपये की सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के तहत कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का प्रावधान है।
  • इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) श्रेणियों में गृह ऋण के लिए 4% से 25 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है।
  • कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित स्वच्छ संयंत्र कार्यक्रम (सीपीपी) को भी सरकार ने मंजूरी दे दी है।
  • लिग्नोसेल्यूलोसिक बायोमास और अन्य नवीकरणीय फीडस्टॉक का उपयोग करने वाली उन्नत जैव ईंधन परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए संशोधित प्रधानमंत्री जी-वन योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
  • कैबिनेट ने संशोधित योजना को 2028-29 तक पांच और वर्षों के लिए बढ़ा दिया है।

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