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  • आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 30% घटकर 5,037.06 करोड़ रुपये रह गया।
  • 2022-23 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एफडीआई ₹7,194.13 करोड़ था।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एफडीआई 2021-22 में ₹5,290.27 करोड़ और 2020-21 में ₹2934.12 करोड़ रहा था।

वित्त वर्ष 2015-16 से 2023-24 के लिए भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

  • खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने विभिन्न उपाय किए हैं, जिनमें क्षेत्रीय विनियमनों के अधीन खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए स्वचालित मार्गों के माध्यम से 100% एफडीआई की अनुमति देना शामिल है।
  • सरकार ने उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 के तहत लाइसेंसिंग के दायरे से सभी प्रसंस्कृत खाद्य वस्तुओं को छूट दी है।
  • इस क्षेत्र के विकास के लिए मंत्रालय प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना (पीएमकेएसवाई), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है।
वित्तीय वर्षएफडीआई (करोड़ रुपए)
2023-245,037.06
2022-237,194.13
2021-225,290.27
2020-212,934.12
2019-206,414.67
2018-194,430.44
2017-185,835.62
2016-174,865.85
2015-163,312

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