केंद्रीय विद्युत मंत्री ने विद्युत क्षेत्र की दक्षता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिये तीन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म – प्रोमप्ट, ड्रिप्स और जलविद्युत DPR लॉन्च किये हैं। NTPC की सहायता से केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने इन ऑनलाइन पोर्टलों को विकसित किया है।इन सभी ऑनलाइन पोर्टलों को केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के तहत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है । एनटीपीसी ने प्रोमप्ट प्लेटफॉर्म विकसित करने में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की मदद की।
PROMPT पोर्टल
- प्रोमप्ट (थर्मल परियोजनाओं की ऑनलाइन निगरानी के लिए पोर्टल) भारत में निर्माणाधीन थर्मल विद्युत परियोजनाओं के वास्तविक समय विश्लेषण और ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करेगा।
- इससे ताप विद्युत संयंत्रों के निर्माण में देरी का कारण बनने वाली समस्या की शीघ्र पहचान और समाधान होने की उम्मीद है।
जल विद्युत डीपीआर प्लेटफॉर्म
- जल विद्युत डीपीआर (जलविद्युत परियोजनाओं और पंप भंडारण परियोजनाओं की निगरानी सर्वेक्षण और जांच गतिविधियां) देश के विभिन्न हिस्सों में निर्माणाधीन जलविद्युत पंप भंडारण परियोजनाओं की वास्तविक समय स्थिति प्रदान करेगी।
- इससे पम्पित जलविद्युत संयंत्रों के निर्माण के लिए बेहतर प्रबंधन और समन्वय सुनिश्चित होगा।
विद्युत क्षेत्र के लिए आपदा संसाधन सूची (डीआरआईपीएस) पोर्टल
- देश में चक्रवात, भूकंप, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली विद्युत बाधाओं की शीघ्र पहचान के लिए विद्युत क्षेत्र के लिए आपदा संसाधन सूची (डीआरआईपीएस) ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है।
- यह प्रभावित जिलों और राज्यों में बिजली क्षेत्र के सभी विभागों और अन्य एजेंसियों के नामित नोडल अधिकारियों को जोड़ेगा ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली शीघ्र बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण
- भारत सरकार ने विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत 1951 में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की स्थापना की।
- विद्युत अधिनियम 2003 ने विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम 1948 को निरस्त कर दिया है तथा उसके स्थान पर विद्युत अधिनियम 2003 लागू कर दिया है।
- केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आता है।
- यह राष्ट्रीय विद्युत नीति के अनुरूप राष्ट्रीय विद्युत योजना तैयार करता है, भारत में स्थापित किये जाने वाले नये जल विद्युत संयंत्र को मंजूरी देता है तथा अन्य विभिन्न कार्य करता है।
- इसमें एक अध्यक्ष और छह पूर्णकालिक सदस्य होते हैं।
