0 UPSC EXAM HINDI QUIZ 13.07.2024 Daily Quiz 1 / 5 Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. महिला उद्यमिता मंच और ट्रांसयूनियन क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड ने भारत में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए मानव संसाधन सशक्तीकरण सोसायटी कार्यक्रम / योजना को शुरू किया है। 2. इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमियों के बीच वित्त, ऋण तक पहुँच और प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाना है और इसके लिए उन्हें आवश्यक संसाधन और उपकरण प्रदान करना है। 3. महिला उद्यमिता मंच मौजूदा हितधारकों के साथ अभिसरण और सहयोग पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से महिला उद्यमियों को निरंतर समर्थन मिलता है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: महिला उद्यमिता मंच और ट्रांसयूनियन क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड ने भारत में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए मानव संसाधन सशक्तीकरण सोसायटी कार्यक्रम / योजना को शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमियों के बीच वित्त, ऋण तक पहुँच और प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाना है और इसके लिए उन्हें आवश्यक संसाधन और उपकरण प्रदान करना है। महिला उद्यमिता मंच (WEP) मौजूदा हितधारकों के साथ अभिसरण और सहयोग पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से महिला उद्यमियों को निरंतर समर्थन मिलता है। SEHER कार्यक्रम को महिला उद्यमिता मंच (WEP) की मिशन निदेशक और नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार, श्रीमती अन्ना रॉय द्वारा लॉन्च किया गया। 2 / 5 Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि तलाकशुदा मुस्लिम महिला दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत अपने पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है - यह कानून पत्नियों के भरण-पोषण से संबंधित है। 2. आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत अपनी तलाकशुदा पत्नी को भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया। 3. याचिकाकर्त्ता ने तर्क दिया कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 को CrPC की धारा 125 के धर्मनिरपेक्ष कानून पर हावी होना चाहिये। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि तलाकशुदा मुस्लिम महिला दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत अपने पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है - यह कानून पत्नियों के भरण-पोषण से संबंधित है। यह बड़ा फैसला न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ द्वारा तलाक के बाद अपनी पत्नी को भरण-पोषण देने के निर्देश को चुनौती देने वाली मुस्लिम व्यक्ति की याचिका को खारिज करने के बाद आया। याचिका किस बारे में थी यह याचिका एक मुस्लिम व्यक्ति ने दायर की थी, जिसमें अंतरिम भुगतान के निर्देश को चुनौती दी गई थी। आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत अपनी तलाकशुदा पत्नी को भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया। याचिकाकर्त्ता ने तर्क दिया कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 को CrPC की धारा 125 के धर्मनिरपेक्ष कानून पर हावी होना चाहिये। याचिकाकर्त्ता ने दावा किया कि 1986 का अधिनियम, एक विशेष कानून होने के कारण, अधिक व्यापक भरण-पोषण प्रावधान प्रदान करता है और इसलिये इसे CrPC की धारा 125 के सामान्य प्रावधानों पर वरीयता दी जानी चाहिये। 3 / 5 Q3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री ने गुजरात में 105वें अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम को संबोधित किया। 2. अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस प्रत्येक वर्ष 6 जुलाई को मनाया जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री ने गुजरात में 102वें अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम को संबोधित किया।अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस प्रत्येक वर्ष 6 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 2024 की थीम "कोऑपरेटिव बिल्डिंग ए बेटर फ्यूचर फोर ऑल" है।यह थीम संयुक्त राष्ट्र के आगामी समिट ऑफ द फ्यूचर के उद्देश्यों के साथ अच्छी तरह से मेल खाती है जिसकी थीम "मल्टीलेटरल सॉल्यूशंस फोर ए बेटर टुमारो" है। सामाजिक विकास में सहकारिता पर वर्ष 2023 की संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट के अनुसार सहकारिता हमेशा से हाशियाई समूहों सहित सभी व्यक्तियों के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने का कार्य करती रही है।यह दिवस वर्ष 2025 के अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का मार्ग प्रशस्त करेगा। 4 / 5 Q4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. संजय सेठ द्वारा जीआरएसई त्वरित नवाचार प्रोत्साहन योजना (गेन्स-2024) का शुभारंभ किया गया। 2. यह एक अभिनव योजना है, जो शिपयार्ड से संबंधित समस्याओं का समाधान तलाशती है और देश में निर्मित व पोषित स्टार्ट-अप्स का उपयोग करके प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देती है। 3. यह एमएसएमई और स्टार्ट-अप को आगे की तकनीकी उन्नति के लिए नवीन समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने में सक्षम बनाता है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: 10 जुलाई, 2024 को, कोलकाता में रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ द्वारा गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) की " जीआरएसई त्वरित नवाचार प्रोत्साहन योजना (गेन्स-2024)" की शुरुआत की गयी। यह एक अभिनव योजना है, जो शिपयार्ड से संबंधित समस्याओं का समाधान तलाशती है और देश में निर्मित व पोषित स्टार्ट-अप्स का उपयोग करके प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देती है। यह एमएसएमई और स्टार्ट-अप को आगे की तकनीकी उन्नति के लिए नवीन समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने में सक्षम बनाता है। यह पहल भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ नीतियों के अनुरूप है। 'गेन्स', एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स को अभिनव समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने और सक्षम बनाने को लेकर एक अनूठी राष्ट्रीय योजना है, जिसे जीआरएसई आगे की तकनीकी उन्नति के लिए लागू कर सकता है। इसका उद्देश्य पोत डिजाइन एवं निर्माण उद्योग में मौजूदा और उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए एमएसएमई व स्टार्ट-अप्स के विशाल इकोसिस्टम का लाभ उठाने के साथ आत्मनिर्भरता के उद्देश्यों को प्राप्त करना है। 5 / 5 Q5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव की 6वीं उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बैठक के दौरान बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर पांचवें पूर्ण सदस्य देश के रूप में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। 2. बांग्लादेश को पहले कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव में पर्यवेक्षक देश का दर्जा प्राप्त था। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) की 8वीं उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डीएनएसए) स्तर की बैठक के दौरान बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर पांचवें पूर्ण सदस्य देश के रूप में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। बांग्लादेश को पहले कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव में पर्यवेक्षक देश का दर्जा प्राप्त था। वर्तमान में अब कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव के पूर्ण सदस्य देश हैं -बांग्लादेश भारत, मॉरीशस, मालदीव और श्रीलंका। सेशेल्स को कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव में पर्यवेक्षक देश का दर्जा प्राप्त है। मॉरीशस ने सीएससी की 8वीं डीएनएसए बैठक की मेजबानी की कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव (सीएससी) की 8वीं उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डीएनएसए) स्तर की बैठक मॉरीशस द्वारा वस्तुतः आयोजित की गई थी। भारत का प्रतिनिधित्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (आंतरिक मामले) पंकज कुमार सिंह ने किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगली 7वीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बैठक इस साल के अंत में भारत में होगी। Your score is LinkedIn Facebook Twitter VKontakte Post navigation ALL EXAM QUIZ 13.07.2024 ALL EXAM QUIZ 15.07.2024