केंद्रीय खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कोलकाता में भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) 20 जुलाई 2024 से पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग और तमिलनाडु के नीलगिरि में भूस्खलन पर पूर्वानुमान पेश करेगा।
जीएसआई पूर्वानुमान तैयार करेगा और इसे राज्य सरकार को भेजेगा, जो इसे जिला प्रशासन को प्रसारित करेगा।
जिला प्रशासन लोगों के बीच जानकारी फैलाएगा।
भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली कुल 36 केंद्रों को कवर करेगी जो भूस्खलन की आशंका वाले हैं।
भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली 2030 तक पूरे भारत में उपलब्ध करा दी जाएगी।
केंद्रीय खान मंत्री ने भूस्खलन से संबंधित एक पोर्टल और मोबाइल ऐप का भी उद्घाटन किया।