Wed. Apr 1st, 2026

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने केरल के विझिनजाम में दीप स्तंभ और दीपपोत महानिदेशालय द्वारा आयोजित हितधारकों की बैठक के दौरान भारत में मैरीटाइम इंडिया विज़न (MIV) 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 के तहत लाइटहाउस पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना की घोषणा की।

लाइटहाउस

  • लाइटहाउस/दीपस्तंभ एक प्रकार का टावर, इमारत या अन्य प्रकार की संरचना है जिसे लैंप और लेंस की प्रणाली से प्रकाश उत्सर्जित करने के लिये डिज़ाइन किया गया है तथा इनका उपयोग नाविकों एवं स्थानीय मछुआरों हेतु नौचालन सहायता के रूप में किया जाता है। लाइटहाउस खतरनाक समुद्री तटों, परिसंकटमय रेतिले क्षेत्र, चट्टानों आदि को चिह्नित करने के साथ-साथ बंदरगाहों में सुरक्षित प्रवेश भी उपलब्‍ध कराते हैं।
  • वर्तमान में भारत के जलीय क्षेत्र के समुद्री तट और द्वीपों पर अब तक 194 दीपस्तंभों की स्थापना और रखरखाव का कार्य किया जा रहा है।

ऐतिहासिक भूमिका

  • पौराणिक संबंध: ‘मनु’ को बाढ़ से बचाए जाने संबंधी कथाएँ समुद्र और नौवहन के संबंध में भारत के प्रारंभिक ज्ञान को उजागर करती है।
  • 7वीं शताब्दी ई. में, पल्लव राजा नरसिंहवर्मन-I ने जहाज़ों के नौचालन हेतु लकड़ी की आग का उपयोग करते हुए मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) में एक लाइटहाउस की स्थापना की।
  • यह लाइटहाउस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, शोर मंदिर परिसर के अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है।

महत्त्वपूर्ण आधुनिक लाइटहाउस:

लाइटहाउसविवरणइमेज 
तांगसेरी लाइटहाउस, कोल्लम, केरलयह केरल में अंग्रेज़ों द्वारा निर्मित सबसे ऊँचा लाइटहाउस है। इसे सफेद और लाल रंग से रंगा गया है जो इसे आकर्षक बनाता है।http://drishtiias.com/hindi/images/uploads/1721041316_image8.png
महाबलीपुरम लाइटहाउस, तमिलनाडुयह औपनिवेशिक काल का प्राचीन  लाइटहाउस है जो पल्लव वंश के महेंद्र पल्लव द्वारा बनवाए गए प्राचीन लाइटहाउस के समीप स्थित है। हालाँकि यह क्रियाशील नहीं है किंतु पर्यटक के लिये खुला है।http://drishtiias.com/hindi/images/uploads/1721041292_image3.png
कौप बीच लाइटहाउस, उडुपी, कर्नाटकमूलतः इसका निर्माण वर्ष 1901 में अंग्रेज़ों ने किया था और विगत कुछ वर्षों में इसमें कई सुधार किये गए हैं जिसमें विभिन्न लाइटिंग उपकरण संस्थापित किये गए।http://drishtiias.com/hindi/images/uploads/1721041273_image7.png
विझिनजाम लाइटहाउस, कोवलम, केरलवर्ष 1925 में कोलाचल में एक लाइट बीकन स्थापित किया गया था और उसके पश्चात् 1960 में विझिनजाम में एक डे मार्क बीकन प्रदान किया गया। एक प्रमुख लाइटहाउस निर्माण वर्ष 1972 में पूरा हुआ था। यह भारत के प्राचीनतम और सबसे अद्भुत लाइटहाउस में से एक है।http://drishtiias.com/hindi/images/uploads/1721041245_image1.png
अगुआड़ा किला लाइटहाउस, गोवायह पुर्तगाली द्वारा निर्मित एक सुव्यवस्थित रूप से संरक्षित संरचना है जो गोवा में स्थित प्रमुख स्थलों में से एक। यहाँ से समुद्र का अद्भुत नज़ारा देखा जा सकता है जो इसे पर्यटकों के लिये एक महत्त्वपूर्ण स्थल बनाता है।http://drishtiias.com/hindi/images/uploads/1721041216_image6.png
चंद्रभागा, ओडिशायह लाइटहाउस कोणार्क मंदिर के समीप स्थित है सुपर साइक्लोन (1999), फैलिन (2013) और फानी (2019) जैसे भीषण चक्रवातों का सामना किया है।http://drishtiias.com/hindi/images/uploads/1721041192_image4.png

भारत में आधुनिक लाइटहाउस की क्या भूमिका

  • आधुनिक लाइटहाउस जहाज़ों का दिशा प्रदर्शित करने, बंदरगाहों को चिह्नित करने और सिग्नल भेजने में सहायता करते हैं, जो जीपीएस तकनीक के लिये मूल्यवान आधार के रूप में काम करते हैं।
  • वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, तटीय निगरानी के लिये लाइटहाउसों को अत्याधुनिक राडार से लैस किया गया था।
  • भारत सरकार ने मछुआरों और लाइटहाउस के बीच संचार की सुविधा के लिये स्वचालित पहचान प्रणाली (AIS) की स्थापना की।
  • नेविगेशन के लिये समुद्री सहायता अधिनियम 2021 का उद्देश्य लाइटहाउस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्य में वृद्धि करना है।
  • गोवा में इंडियन लाइटहाउस फेस्टिवल जैसे आयोजन इन संरचनाओं की विरासत और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। कई लाइटहाउस अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं, जो ऐतिहासिक अंतर्दृष्टि और आश्चर्यजनक दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

Login

error: Content is protected !!