सरकार ने भारतीय भाषाओं में 22,000 पुस्तकें विकसित करने के लिए ‘अस्मिता’ परियोजना शुरू की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी ने अगले पाँच वर्षों में भारतीय भाषाओं में 22,000 पुस्तकें तैयार करने के लिए ‘अस्मिता’ परियोजना शुरू की।
अस्मिता (अनुवाद और अकादमिक लेखन के माध्यम से भारतीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री को बढ़ाना) परियोजना का शुभारंभ उच्च शिक्षा सचिव संजय मूर्ति ने किया।
यह शिक्षा प्रणाली में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की गई कई पहलों में से एक है।
यह परियोजना यूजीसी और भारतीय भाषा समिति का एक संयुक्त प्रयास है।
इस परियोजना का लक्ष्य पाँच वर्षों के भीतर 22 भाषाओं में 1,000 पुस्तकें तैयार करना है।
इस पहल के तहत जून 2025 तक कला, विज्ञान और वाणिज्य धाराओं को कवर करने वाली 1,800 पाठ्यपुस्तकें तैयार की जाएँगी।
इस परियोजना का नेतृत्व करने के लिए 13 नोडल विश्वविद्यालयों की पहचान की गई है। यूजीसी ने पुस्तक-लेखन प्रक्रिया के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी बनाई है।