Sun. Mar 29th, 2026

भारत सरकार ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (Department of Administrative Reforms and Public Grievances- DARPG) की 100-दिवसीय कार्य-सूची के हिस्से के रूप में ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म का सभी संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में क्रियान्वन किये जाने की घोषणा की।ई-ऑफिस पहल का उद्देश्य विभिन्न सरकारी निकायों में फाइल हैंडलिंग और रसीदों को डिजिटल बनाना है। यह पहल वर्ष 2019 से 2024 की अवधि में केंद्रीय सचिवालय में ई-ऑफिस को अपनाने में आई उल्लेखनीय गति को दृष्टिगत रखते हुए की गई है, जहाँ 94 प्रतिशत फाइलों को ई-फाइल के रूप में और 95 प्रतिशत रसीदों को ई-रसीद के रूप में संभाला गया।

ई – ऑफिस पहल का उद्देश्य

  • इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी निकायों में फाइल हैंडलिंग और रसीदों को डिजिटल बनाना है।
  • यह पहल वर्ष 2019 से 2024 की अवधि में केंद्रीय सचिवालय में ई-ऑफिस को अपनाने में आई उल्लेखनीय गति को दृष्टिगत रखते हुए की गई है, जहाँ 94 प्रतिशत फाइलों को ई-फाइल के रूप में और 95 प्रतिशत रसीदों को ई-रसीद के रूप में परिवर्तित करके सुरक्षित रूप से संभाला गया है।
  • इस सफलता के आधार पर, सरकार ने अंतर-मंत्रालयी परामर्श के बाद ई-ऑफिस पहल के क्रियान्वन के लिये 133 संस्थाओं की पहचान की है। इसे अपनाने हेतु दिशा-निर्देश DARPG और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा जारी किए गए थे।

 डिजिटल परिवर्तन और प्रशासनिक दक्षता के लिए

  • सरकार ने डिजिटल परिवर्तन और प्रशासनिक दक्षता के लिए सभी मंत्रालय/विभाग नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है, डेटा सेंटर स्थापित किया है, और NIC के साथ समन्वय किया है।
  • ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के तहत सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए सभी मंत्रालय/विभाग नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, डेटा सेंटर स्थापित करेंगे तथा ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के निर्बाध, समयबद्ध क्रियान्वन के लिये NIC के साथ समन्वय करेंगे।

 भारत में ई-गवर्नेंस के लाभ

  • डेटा संचालित शासन ( Data-Driven Governance ) : इंटरनेट और स्मार्टफोन के उपयोग से डेटा का त्वरित प्रसारण संभव हो गया है, जो प्रभावी शासन के लिए महत्वपूर्ण है।
  • लागत बचत ( Cost Savings ) को सुनिश्चित करना : सरकारी व्यय का एक बड़ा हिस्सा आधिकारिक उद्देश्यों के लिए स्टेशनरी को खरीदने की लागत में जाता है। ई-गवर्नेंस के माध्यम से स्मार्टफोन और इंटरनेट से इसे प्रतिस्थापित करने से इस मद में खर्च होने वाले व्यय में हर वर्ष करोड़ों रुपये की बचत हो सकती है।
  • पारदर्शिता (Transparency) को बढ़ावा देना : ई-गवर्नेंस से सभी आधिकारिक जानकारी इंटरनेट पर अपलोड की जा सकती है, जिससे शासन के कार्यक्रमों की पारदर्शिता बढ़ती है।
  • जवाबदेही (Accountability) तय करना : ई-गवर्नेंस से शासन के कार्यों को करने क प्रति जवाबदेही बढ़ती है, क्योंकि जब शासन से संबंधित कोई भी जानकारी नागरिकों के लिए सार्वजानिक रूप से उपलब्ध होती है, तो सरकार अपने कार्यों के प्रति अधिक जवाबदेह होती है।
  • भूमि अभिलेख निगरानी (Land Monitoring) को सुनिश्चित करना : भारत जैसे विशाल विकासशील देश में प्रभावी भूमि निगरानी की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि संपत्तियों से संबंधित लेनदेन (भौतिक लेनदेन सहित) धोखाधड़ी रहित हैं, शासन या सरकार द्वारा भूमि से संबंधित ऑनलाइन रिकॉर्ड का रखरखाव भारत में ई-गवर्नेंस की एक प्रमुख विशेषता है।

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