यूनेस्को की महासागरीय स्थिति रिपोर्ट में समुद्री तापमान में वृद्धि पर शोध और डेटा में ज्ञान की कमी पाई गई।
यूनेस्को की महासागर स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, विश्व अभी भी अनेक महासागरीय संकटों के लिए ऐसे समाधान तैयार करने में असमर्थ है, जो वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को हटा सकें।
1960 से 2023 के बीच महासागरों के ऊपरी 2,000 मीटर (मी) 0.32 ± 0.03 वाट प्रति वर्ग मीटर (W/m2) की दर से गर्म हुए।
पिछले दो दशकों में महासागरों के गर्म होने की दर दोगुनी हो गई है। यह वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
रिपोर्ट नियमित डेटा प्रदान करती है कि महासागरों का तापमान कैसे विकसित हो रहा है और इसके क्या प्रभाव हैं।
ईईआई का 90 प्रतिशत महासागरों द्वारा अवशोषित किया जाता है। ओएचसी महासागरों द्वारा संग्रहीत गर्मी की कुल मात्रा है।
2023 में समुद्र का स्तर बढ़ना जारी रहा। 1993 से 2023 तक वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.4 +/-0.3 मिमी/वर्ष की दर से बढ़ा।
रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि ओएचसी में वृद्धि के जवाब में डीऑक्सीजनेशन में तेज़ी आ रही है या नहीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खुले समुद्र की तुलना में तटीय क्षेत्रों के लिए लंबी अवधि के डेटा सेट की आवश्यकता है।
इस रिपोर्ट में समुद्री कार्बन डाइऑक्साइड निष्कासन (mCDR) प्रौद्योगिकियों में हाल के विकास का भी उल्लेख किया गया है।
ईईआई सूर्य से आने वाली ऊर्जा और पृथ्वी से बाहर जाने वाली ऊर्जा के बीच संतुलन है।