प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में PMAY के तहत तीन करोड़ ग्रामीण और शहरी घरों के निर्माण के लिये सहायता को मंज़ूरी दी।तीन करोड़ मकानों में से दो करोड़ मकान PMAY-ग्रामीण के तहत तथा एक करोड़ मकान PMAY-शहरी के तहत बनाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण
- शुभारंभ: वर्ष 2022 तक “सभी के लिये आवास” के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिये, पूर्ववर्ती ग्रामीण आवास योजना इंदिरा आवास योजना (IAY) को 1 अप्रैल 2016 से केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में पुनर्गठित किया गया।
- शामिल मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय।
- स्थिति: राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने लाभार्थियों को 2.85 करोड़ घर स्वीकृत किये हैं और मार्च 2023 तक 2.22 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं।
- उद्देश्य: मार्च 2022 के अंत तक सभी ग्रामीण परिवारों, जो बेघर हैं या कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घरों में रह रहे हैं, को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का घर उपलब्ध कराना।
- गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line- BPL) जीवन यापन करने वाले ग्रामीण लोगों को आवास इकाइयों के निर्माण तथा मौजूदा अनुपयोगी कच्चे मकानों के उन्नयन में पूर्ण अनुदान के रूप में सहायता प्रदान करना।
- लाभार्थी: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, मुक्त बंधुआ मज़दूर और गैर-अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग, युद्ध में मारे गए रक्षा कर्मियों की विधवाएँ या उनके निकट संबंधी, पूर्व सैनिक और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त सदस्य, विकलांग व्यक्ति तथा अल्पसंख्यक।
- लाभार्थियों का चयन: तीन-चरणीय सत्यापन जैसे सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011, ग्राम सभा और जियो-टैगिंग के माध्यम से।
- लागत साझाकरण: मैदानी क्षेत्रों के मामले में केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में व्यय साझा करते हैं तथा पूर्वोत्तर राज्यों, दो हिमालयी राज्यों एवं जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र के मामले में 90:10 के अनुपात में व्यय साझा करते हैं।
- केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख सहित अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के मामले में केंद्र 100% लागत वहन करता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना– शहरी (PMAY-U):
- शुभारंभ: 25 जून 2015 को प्रारंभ की गई इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2022 तक शहरी क्षेत्रों में सभी के लिये आवास उपलब्ध कराना है।
- कार्यान्वयनकर्त्ता: आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय
- स्थिति: PMAY (U) डैशबोर्ड के अनुसार, 118.64 लाख मकान स्वीकृत किये गए हैं, जिनमें से 83.67 लाख पूरे हो चुके हैं।
- विशेषताएँ:
- पात्र शहरी गरीबों के लिये पक्का मकान सुनिश्चित करके झुग्गीवासियों सहित शहरी गरीबों के बीच शहरी आवास की कमी को दूर करना।
- मिशन में संपूर्ण शहरी क्षेत्र शामिल है, जिसमें सांविधिक कस्बे, अधिसूचित योजना क्षेत्र, विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण या राज्य विधान के तहत कोई भी ऐसा प्राधिकरण शामिल है, जिसे शहरी नियोजन एवं विनियमन का कार्य सौंपा गया है।
- मिशन महिला सदस्यों के नाम पर या संयुक्त नाम पर मकान का स्वामित्व प्रदान करके महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देता है।
योजना चार खंडों में क्रियान्वित की गई
- निजी भागीदारी के माध्यम से संसाधन के रूप में भूमि का उपयोग करके मौजूदा झुग्गी निवासियों का यथास्थान पुनर्वास।
- ऋण लिंक्ड सब्सिडी: आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (Economically Weaker Section- EWS), निम्न आय समूह (Low Income Group- LIG) और मध्यम आय समूह (MIG-I और MIG-II) के लोग घर खरीदने या बनाने के लिये क्रमशः 6 लाख रुपए, 9 लाख रुपए और 12 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर 6.5%, 4% तथा 3% की ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
- साझेदारी में किफायती आवास (Affordable Housing in Partnership- AHP): AHP के अंतर्गत, भारत सरकार द्वारा प्रति ईडब्ल्यूएस आवास के लिये 1.5 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है।
- लाभार्थी-नेतृत्व वाले व्यक्तिगत आवास निर्माण/संवर्द्धन: व्यक्तिगत आवास निर्माण/संवर्द्धन के लिये EWS श्रेणियों से संबंधित पात्र परिवारों को प्रति EWS आवास 1.5 लाख रुपए तक की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है।
