Wed. Jun 10th, 2026

ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) ने मई 2024 में खुदरा और राइड-हेलिंग सेगमेंट में 8.9 मिलियन लेनदेन का सर्वकालिक उच्च स्तर दर्ज़ किया, जो कुल लेनदेन की मात्रा में 23% माह-दर-माह होने वाली वृद्धि दर्शाता है।

ONDC

  • ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) परस्पर जुड़े ई-मार्केटप्लेस का एक नेटवर्क है, जिसके माध्यम से ब्रांड सहित विक्रेता बिचौलियों या मध्यस्थों को दरकिनार करते हुए सीधे ग्राहकों को अपने उत्पाद सूचीबद्ध और विक्रय कर सकते हैं।
  • यह वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री के लिये प्लेटफॉर्म-केंद्रित मॉडल से खुले स्रोत नेटवर्क में परिवर्तन की अनुमति देता है।
  • इसे डिजिटल इंडिया पहल के एक भाग के रूप में वाणिज्य मंत्रालय द्वारा उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (Department for Promotion of Industry and Internal Trade- DPIIT) के तहत वर्ष 2021 में लॉन्च किया गया था।
  • यह किराने का सामान, गृह सज़ावट, सफाई संबंधी आवश्यक वस्तुएँ, खाद्य वितरण और अन्य उत्पादों की डिलीवरी सेवाएँ प्रदान करता है।
  • यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जो एक नेटवर्क प्रदान करता है, जिससे विभिन्न उद्योगों में स्थानीय डिजिटल वाणिज्य स्टोरों को किसी भी नेटवर्क-सक्षम अनुप्रयोगों द्वारा खोजा और उपयोग किया जा सकता है।
  • एकीकृत भुगतान इंटरफेस (Unified Payments Interface- UPI) के समान, ONDC का लक्ष्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के बीच परिचालन के स्तर को समान बनाना है।
  • भारतीय गुणवत्ता परिषद (Quality Council of India- QCI) को इस ओपन-सोर्स प्रौद्योगिकी नेटवर्क के माध्यम से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को एकीकृत करने का कार्य सौंपा गया है, जिससे उपयोगकर्त्ताओं को मूल कोड को संशोधित, संवर्धित या बेहतर बनाने की अनुमति मिल सके।

उद्देश्य

  • ई-कॉमर्स का लोकतंत्रीकरण और विकेंद्रीकरण।
  • विक्रेताओं, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय व्यवसायों के लिये समावेशिता एवं पहुँच।
  • उपभोक्ताओं के लिये विकल्प चुनने और स्वतंत्रता में वृद्धि।
  • वस्तुओं और सेवाओं को सस्ता बनाना।

कार्य प्रणाली

  • ONDC एक खुले नेटवर्क के आधार पर कार्य करता है, जहाँ यह अमेज़न या फ्लिपकार्ट के समान एकल मंच नहीं होगा, बल्कि एक प्रवेश द्वार के रूप में होगा जहाँ विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर क्रेता और विक्रेता जुड़ सकेंगे।

‘ओपन सोर्स’

  • ‘ओपन सोर्स’ का तात्पर्य है कि प्रक्रिया के लिये प्रयुक्त प्रौद्योगिकी या कोड सभी के उपयोग, पुनर्वितरण और संशोधन हेतु स्वतंत्र रूप से उपलब्ध कराया जाता है।
  • उदाहरण के लिये, iOS का ऑपरेटिंग सिस्टम बंद स्रोत है, इसे कानूनी रूप से संशोधित या उपयोग नहीं किया जा सकता है।
  • जबकि, एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम ओपन सोर्स है, जिससे सैमसंग, नोकिया, श्याओमी  आदि जैसे स्मार्टफोन निर्माताओं के लिये इसे अपने संबंधित हार्डवेयर हेतु संशोधित करना संभव हो जाता है।

ONDC के संभावित लाभ

  • उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना: ONDC संभावित रूप से सूचना तक पहुँच बढ़ाकर अधिक पारदर्शी वातावरण को बढ़ावा देता है।इससे उपभोक्ताओं को सूचित विकल्प चुनने और विक्रेताओं की एक विस्तृत शृंखला से लाभ अर्जित करने का अधिकार मिलता है, जिससे संभावित रूप से कीमतें कम हो जाती हैं।
  • प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा देना: मौजूदा प्लेटफॉर्मों के एकाधिकार को समाप्त कर, ONDC एक समान अवसर सृजित करता है। यह विक्रेताओं के बीच प्रतिस्पर्द्धा को प्रोत्साहित करता है, अंततः उत्पादों की एक विस्तृत विविधता और उपभोक्ताओं के लिये संभावित रूप से वहनीय कीमतों में परिवर्तित होता है।
  • नवाचार: ONDC की ओपन-सोर्स वास्तुकला नवाचार को बढ़ावा देती है।
  • लागत क्षमता: ONDC की विकेंद्रीकृत संरचना में परिचालन को सुव्यवस्थित करने, अतिरेक को कम करने तथा महत्त्वपूर्ण लागत को बचाने की क्षमता है।
  • छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देना: ONDC छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (MSME) और स्थानीय विक्रेताओं के लिये प्रवेश बाधाओं को कम करता है। यह डिजिटल बाज़ार में अधिक भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करता है तथा अधिक समावेशी ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देता है।

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