ई-गवर्नेंस सेवा प्रदाता कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पज़ व्हीकल (CSC SPV) तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (Farmer Producer Organisation- FPO) को सामान्य सेवा केंद्र (Common Service Centres- CSC) में परिवर्तित करने के लिये एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये।इससे ‘10,000 FPO के गठन एवं संवर्द्धन योजना’ के तहत पंजीकृत FPO से जुड़े किसानों को लाभ होगा, क्योंकि इससे उन्हें नागरिक-केंद्रित सेवाएँ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।
‘10,000 FPO का गठन एवं संवर्धन’ वर्ष 2020 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है।इसका उद्देश्य किसानों की सौदेबाजी की क्षमता में वृद्धि करना, उत्पादन की लागत में कमी लाने और अपने कृषि उत्पादों के एकत्रीकरण के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है।CSC योजना, जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की मिशन मोड परियोजनाओं में से एक है, किसानों को विभिन्न सेवाएँ प्रदान कर रही है, जिनमें टेली-कंसलटेशन, फसल बीमा, ई-पशु चिकित्सा, किसान क्रेडिट कार्ड और PM किसान योजनाएँ शामिल हैं।
10,000 FPOs के गठन और संवर्द्धन की योजना
- फरवरी, 2020 में चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) में 6865 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान के साथ योजना का शुभारंभ किया गया।
- वर्ष 2020-21 में FPO के गठन के लिये 2200 से अधिक एफपीओ उत्पादन क्लस्टर आवंटित किये गए हैं।
- कार्यान्वयन एजेंसियाँ (IAs) प्रत्येक FPO को 5 वर्षों की अवधि के लिये पंजीकृत करने तथा व्यावसायिक सहायता प्रदान करने हेतु क्लस्टर-आधारित व्यावसायिक संगठनों (CBBOs) को शामिल कर रही हैं।
- CBBOs, FPO के प्रचार से संबंधित सभी मुद्दों हेतु संपूर्ण जानकारी का एक मंच होगा।
वित्तीय सहायता
- 3 वर्ष की अवधि हेतु प्रति FPO के लिये 18.00 लाख रुपए का आवंटन।
- FPO के प्रत्येक किसान सदस्य को 2 हज़ार रुपए (अधिकतम 15 लाख रुपए प्रति FPO) का इक्विटी अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- FPO को संस्थागत ऋण सुलभता सुनिश्चित करने के लिये पात्र ऋण देने वाली संस्था से प्रति FPO 2 करोड़ रुपए तक की ऋण गारंटी सुविधा का प्रावधान किया गया है।
महत्त्व
किसान की आय में वृद्धि
- यह किसानों के खेतों या फार्म गेट से ही उपज की बिक्री को बढ़ावा देगा जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
- इससे आपूर्ति शृंखला छोटी होने के परिणामस्वरूप विपणन लागत में कमी आएगी जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी।
रोज़गार सृजन
- यह ग्रामीण युवाओं को रोज़गार के अधिक अवसर प्रदान करेगा तथा फार्म गेट के निकट विपणन और मूल्य संवर्द्धन हेतु बुनियादी ढांचे में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
