भारत के पहले ‘चैडविक हाउस: नेविगेटिंग ऑडिट हेरिटेज’ संग्रहालय का शिमला में उद्घाटन किया गया।
संग्रहालय का उद्घाटन भारत के 14वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू ने किया।
यह संस्थान की समृद्ध विरासत और राष्ट्र के शासन में योगदान के संरक्षण और उत्सव में एक मील का पत्थर है।
संग्रहालय शिमला के एक महत्वपूर्ण स्थल चैडविक हाउस में स्थित है।
यह कैग संस्था के विकास, उपलब्धियों और मील के पत्थरों को प्रदर्शित करता है।
महात्मा गांधी 1946 में कैबिनेट मिशन के लिए शिमला की अपनी यात्रा के समय यहां रुके थे।
चैडविक हाउस को संग्रहालय के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया दिसंबर 2020 में इसके तत्कालीन मालिक प्रसार भारती (ऑल इंडिया रेडियो) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के साथ शुरू हुई।
संग्रहालय में दस अलग-अलग दीर्घाएँ हैं। प्रत्येक गैलरी कैग के इतिहास, भूमिकाओं और महत्व के पहलुओं की विस्तृत समन्वेषण प्रदान करती है।
संग्रहालय में रेमिंगटन टाइपराइटर, ब्रिटिश युग की फ्रैंकिंग मशीन आदि कलाकृतियां संरक्षित हैं।