0 UPSC HINDI QUIZ 18.05.2024 Daily Quiz 1 / 5 Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिये भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने विज्ञापनदाताओं को मीडिया में उत्पादों का प्रचार करने से पहले स्व-घोषणा प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये हैं। 2. आगे के घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के पत्र को वापस ले लिया है, जिसमें औषधि और प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 के नियम 270 को तत्काल प्रभाव से "लोपित" किया गया था। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिये भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने विज्ञापनदाताओं को मीडिया में उत्पादों का प्रचार करने से पहले स्व-घोषणा प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये हैं। आगे के घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के पत्र को वापस ले लिया है, जिसमें औषधि और प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 के नियम 170 को तत्काल प्रभाव से "लोपित" किया गया था। नियम 170 लाइसेंसिंग अधिकारियों की मंज़ूरी के बिना आयुर्वेदिक, सिद्ध या यूनानी दवाओं के विज्ञापनों पर रोक लगाता है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख निर्देश स्व-घोषणा प्रस्तुत करना मीडिया में उत्पादों का प्रचार करने से पूर्व विज्ञापनदाताओं को स्व-घोषणाएँ प्रस्तुत करनी होंगी। उपभोक्ताओं को गुमराह करने से रोकने के लिये विज्ञापनदाता अब यह घोषित करने के लिये बाध्य हैं कि उनके विज्ञापन उनके उत्पादों के बारे में भ्रामक या गलत जानकारी नहीं देते हैं। 2 / 5 Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव' रिपोर्ट में भारत के खिलौना उद्योग को विकसित करने और निर्यात बढ़ाने के लिये एक व्यापक रणनीति का प्रस्ताव दिया गया है। 2. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक खिलौना व्यापार में सीमांत स्थिति रखता है, निर्यात में केवल 0.3% हिस्सेदारी और आयात में 0.5% हिस्सेदारी है। 3.वैश्विक खिलौना निर्यात में भारत केवल 0.3% की हिस्सेदारी के साथ 27वें स्थान पर है और खिलौना आयात में 61वें स्थान पर है, जिसका कुल आयात 60 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव' रिपोर्ट में भारत के खिलौना उद्योग को विकसित करने और निर्यात बढ़ाने के लिये एक व्यापक रणनीति का प्रस्ताव दिया गया है। इसका उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार, नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ बाज़ार पहुँच का विस्तार करने पर केंद्रित रणनीतिक हस्तक्षेपों को लागू करके भारत को खिलौना निर्माण और निर्यात के लिये एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। भारत के खिलौना उद्योग की स्थिति और क्षमता स्थिति ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक खिलौना व्यापार में सीमांत स्थिति रखता है, निर्यात में केवल 0.3% हिस्सेदारी और आयात में 0.1% हिस्सेदारी है। वैश्विक खिलौना निर्यात में भारत केवल 0.3% की हिस्सेदारी के साथ 27वें स्थान पर है और खिलौना आयात में 61वें स्थान पर है, जिसका कुल आयात 60 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। भारत अन्य श्रेणियों की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों की एक बड़ी मात्रा का निर्यात करता है, साथ ही प्लास्टिक गुड़िया, धातु और अन्य गैर-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्यात के माध्यम से खिलौना व्यापार में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है, जो इसकी विविध विनिर्माण क्षमताओं को उजागर करता है। 3 / 5 Q3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. हाल ही में, ऑरोरा जो आम तौर पर उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव जैसे उच्च-अक्षांश क्षेत्रों में दिखाई देते हैं, दुनिया भर में देखे गए, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जहां वे असामान्य हैं। 2. भारत में उन्हें हानले, लद्दाख में भारतीय खगोलीय वेधशाला (IAO) के आसपास स्थित सभी आकाशीय कैमरों के माध्यम से देखा गया। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: हाल ही में, ऑरोरा जो आम तौर पर उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव जैसे उच्च-अक्षांश क्षेत्रों में दिखाई देते हैं, दुनिया भर में देखे गए, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जहां वे असामान्य हैं।भारत में उन्हें हानले, लद्दाख में भारतीय खगोलीय वेधशाला (IAO) के आसपास स्थित सभी आकाशीय कैमरों के माध्यम से देखा गया। ऑरोरा घटना ऑरोरा चमकदार और रंगीन प्रकाश है जो अंतरिक्ष में आवेशित सौर हवाओं एवं पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर के बीच सक्रिय संपर्क के कारण बनता है। वे तब घटित होते हैं जब सौर घटनाएँ आवेशित कणों को अंतरिक्ष में लेकर जाती हैं, जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में फँस जाते हैं और वायुमंडलीय परमाणुओं के साथ संपर्क करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अंततः भू-चुंबकीय तूफान के साथ ऑरोरा का निर्माण होता है। सूर्य से लगातार बदलती प्राप्त ऊर्जा, पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल से अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ, तथा पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष में ग्रह एवं कणों की गति सभी मिलकर अलग-अलग ध्रुवीय गति के साथ इसके निर्माण के लिये कार्य करते हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में इस घटना को उत्तरी प्रकाश (ऑरोरा बोरियालिस) कहा जाता है, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में इसे दक्षिणी प्रकाश (ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस) कहा जाता है। 4 / 5 Q4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. भारत ने अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह द्वारा भारत में झींगा फार्मों पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। 2. झींगा क्रस्टेशियन (शेलफिश का एक रूप) है, जिसका शरीर अर्द्ध पारदर्शी होने के साथ चपटा होता है तथा उदर लचीला होने के साथ इसके पश्च भाग से संलग्न होता है। 3. उनके करीबी वंशज में केकड़े, क्रेफिश और झींगा मछली शामिल हैं। ये सभी महासागरों में उथले और गहरे जल में तथा मीठे जल की झीलों एवं झरनों में पाए जाते हैं। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: भारत ने अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह द्वारा भारत में झींगा फार्मों पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। भारत ने कहा कि भारत का संपूर्ण झींगा निर्यात समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) द्वारा प्रमाणित है जिससे किसी प्रकार की चिंताओं की कोई गुंज़ाइश नहीं है। भारत में झींगा पालन की स्थिति झींगा क्रस्टेशियन (शेलफिश का एक रूप) है, जिसका शरीर अर्द्ध पारदर्शी होने के साथ चपटा होता है तथा उदर लचीला होने के साथ इसके पश्च भाग से संलग्न होता है। उनके करीबी वंशज में केकड़े, क्रेफिश और झींगा मछली शामिल हैं। ये सभी महासागरों में उथले और गहरे जल में तथा मीठे जल की झीलों एवं झरनों में पाए जाते हैं। झींगा पालन: झींगा पालन का आशय मानव उपभोग के लिये तालाबों या टैंकों जैसे नियंत्रित क्षेत्रों में झींगा पालन करना है। इनके लिये 25-30°C (77-86°F) के मध्य उष्म तापमान वाला गर्म जल अनुकूल होता है। इनके लिये चिकनी-दोमट या बलुई-मिट्टी अनुकूल होती है तथा 6.5 से 8.5 के बीच pH वाली कुछ क्षारीय मृदा इष्टतम होती है। झींगा पालन के लिये मृदा में कम से कम 5% कैल्शियम कार्बोनेट होना बेहतर होता है। 5 / 5 Q5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने हाल ही में शुरुआती करियर को अधिक मान्यता देने के लक्ष्य के साथ इंफोसिस पुरस्कार में बड़े बदलाव किए हैं। 2. पुरस्कार विजेताओं के लिए आयु सीमा 15 मई से 50 से घटाकर 40 वर्ष कर दी गई है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने हाल ही में शुरुआती करियर को अधिक मान्यता देने के लक्ष्य के साथ इंफोसिस पुरस्कार में बड़े बदलाव किए हैं। पुरस्कार विजेताओं के लिए आयु सीमा 15 मई से 50 से घटाकर 40 वर्ष कर दी गई है। पुरस्कार का उद्देश्य इंफोसिस पुरस्कार का मुख्य लक्ष्य अभी भी उत्कृष्ट शोध को मान्यता देना है जो न केवल वैज्ञानिक और सामाजिक प्रगति की ओर ले जाता है बल्कि भारत की अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों और विद्वानों के लिए रोल मॉडल भी तैयार करता है। पुरस्कार का लक्ष्य उन लोगों का ध्यान आकर्षित करना है जिनके रचनात्मक कार्यों का समाज पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना है। Your score is LinkedIn Facebook Twitter VKontakte Post navigation ALL EXAM QUIZ 18.05.2024 ALL EXAM QUIZ 20.05.2024