Sun. Jun 14th, 2026
  • भारतीय पेट्रोलियम एवं ऊर्जा संस्थान ने गंदे नदी के पानी के उपचार के लिए एक पर्यावरण अनुकूल समाधान की खोज की है।
  • भारतीय पेट्रोलियम एवं ऊर्जा संस्थान (IIPE), विशाखापत्तनम और अन्य शोध संस्थानों ने विभिन्न स्तरों पर जल उपचार से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एक प्रभावी पर्यावरण अनुकूल समाधान विकसित किया है।
  • यह पर्यावरण अनुकूल समाधान, ‘झिल्ली की सतह संशोधन तकनीक’ गंदे नदी के पानी के उपचार में मदद करेगी।
  • असम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उन्नत अध्ययन संस्थान के शोधकर्ता इस शोध में आईआईपीई टीम के साथ शामिल हुए हैं।
  • यह शोध नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल प्रदूषण एक प्रमुख मुद्दा है। यह नई तकनीक फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा और जैव प्रौद्योगिकी जैसे उद्योगों में जल उपचार के लिए फायदेमंद है।
  • यह तकनीक गैर-विषाक्त गैसों का उपयोग करती है और पर्यावरण के अनुकूल है। यह सतह संशोधन प्रक्रियाओं में रसायनों या विलायकों की आवश्यकता को कम करती है।
  • गंदे पानी से ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, सूरज की रोशनी अवरुद्ध होती है और इसमें प्रदूषक होते हैं।

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