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इराक की राजधानी बगदाद में इराक की महत्वकांक्षी डेवलपमेंट रोड प्रोजेक्ट पर सहयोग के लिए इराक, तुर्किये, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के बीच प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

डेवलपमेंट रोड प्रोजेक्ट

  • यह “विकास का मार्ग” फारस की खाड़ी स्थित इराकी बंदरगाह को उत्तर में तुर्किये की सीमा से जोड़ता है।
  • इसमें इराक़ के बसरा प्रांत में अल फाव बंदरगाह से उत्तर में तुर्किये सीमा तक लगभग 1,200 किमी दो-तरफ़ा रेल ट्रैक और एक नया मोटरमार्ग बनाना शामिल है।
  • इराक की महत्वाकांक्षी $17 बिलियन की यह परियोजना स्वेज नहर के माध्यम से क्षेत्र के मौजूदा एकमात्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के विकल्प के रूप में प्रतुत की गई है।
  • इस डेवलपमेंट रोड को पहली बार 2010 में एक सरकारी परियोजना के रूप में घोषित किया गया था।
  • लक्ष्य : इस परियोजना का लक्ष्य एक स्थायी गैर-तेल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
  • इराक के पुराने परिवहन नेटवर्क को पुनर्जीवित करने और देश के विशाल क्षेत्र में विकास के अवसर खोलने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

आर्थिक महत्त्व

  • डेवलपमेंट रोड प्रोजेक्ट पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाली एक स्थायी अर्थव्यवस्था निर्माण करने, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने, आवाजाही और वाणिज्य को सुविधाजनक बनाने, एक नए प्रतिस्पर्धी परिवहन मार्ग स्थापित करना और क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है।
  • यह टिकाऊ गैर-तेल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ है। साथ ही, इससे इराक के विशाल क्षेत्रों का विकास भी होगा।
  • अनुमान है कि विकास सड़क परियोजना $4 बिलियन का वार्षिक राजस्व और कम से कम 100,000 नौकरियाँ उत्पन्न कर सकती है।

भूराजनीतिक महत्त्व

  • सामरिक भौगोलिक स्थिति : इस परियोजना के माध्यम से इराक़ अपनी सामरिक भौगोलिक स्थिति फ फायदा उठाना चाहता है।परियोजना के विकसित होने से फारस की खाड़ी से तुर्किये के रास्ते पूर्वी के यूरोप देशों तक सीधा संपर्क स्थापित किया जा सकता है। यह परियोजना इराक को खाड़ी, तुर्किये और यूरोप के बीच माल और यात्रिओं के लिए परिवहन केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है।    
  • आईएमईसी का विकल्प : इराक़ और तुर्किये दोनों ही इस परियोजना को तेजी से अग्रसारित कर रहे हैं, वस्तुत: ये दोनों देश भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) में शामिल नहीं है। आईएमईसी के विपरीत, इस डेवलपमेंट रोड में लोडिंग और अनलोडिंग पॉइंट कम होने से परिवहन लागत और पारगमन समय में उल्लेखनीय कमी की जा सकती है।
  • क्षेत्रीय स्थिरता : यह क्षेत्र को आर्थिक रूप से उन्नत करने में मददगार हो सकता है। विकास मार्ग न केवल दूरियां को कम करेगा बल्कि क्षेत्र के लोगों और उनकी संस्कृतियों को जोड़ने वाले एक पुल की तरह कार्य करेगा। इससे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को समर्थन मिलेगा।

भारत के लिए लाभ

  • यह परियोजना भारत के लिए एक छोटे और कुशल व्यापार गलियारे का विकल्प प्रदान कर सकती है, जिससे भारतीय वस्तुओं को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने के लिए परिवहन समय और लागत कमी आएगी।
  • गज़ा संकट और इजराइल को लेकर अरब देशों के अविश्वास के चलते भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की परियोजना को मूर्त रूप प्रदान करने में लगातार चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।
  • ऐसे में इराक़ की डेवलपमेंट रोड परियोजना भारत की बढ़ती निर्यात अर्थव्यवस्था को खाड़ी देशों के साथ-साथ तुर्किये के रास्ते पूर्वी यूरोप और रूस तक पहुँचाने का एक विकल्प प्रदान कर सकती है। 

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