बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) की भविष्य की दिशा पर प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह (ईपीजी) की तीसरी बैठक 12 और 13 मई 2024 को ढाका, बांग्लादेश में बिम्सटेक सचिवालय में आयोजित की गई थी।बैठक की अध्यक्षता थाईलैंड के डॉ. सूनथॉर्न चैयिनदीपम ने की क्योंकि थाईलैंड बिम्सटेक का वर्तमान अध्यक्ष है। बिम्सटेक/BIMSTEC: बे ऑफ़ बंगाल इनिशीअटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकनोमिक कोऑपरेशन (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation).
बिम्सटेक में ईपीजी की भूमिका
- ईपीजी में सभी सात बिम्सटेक सदस्य देश : बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं। इसकी स्थापना बिम्सटेक के भविष्य के लिए रोडमैप तैयार करने के लिए की गई थी।
- ईपीजी, जी20 शिखर सम्मेलन में शेरपाओं की तरह ही भूमिका निभाता है। वे सदस्य देशों के शीर्ष क्रम के अधिकारी हैं जो आगामी शिखर बैठकों के लिए एजेंडा तैयार करने में मदद करते हैं, जिसमें बिम्सटेक के शीर्ष नेता भाग लेंगे। नवलसांग परमार ईपीजी के भारतीय सदस्य हैं।
- ईपीजी को बिम्सटेक द्वारा सुधार, पुनरुद्धार और बिम्सटेक के लिए एक नया उद्देश्य खोजने के लिए सिफारिश करने का काम सौंपा गया है ताकि एक समृद्ध, लचीला और विकसित बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा सके।
- बिम्सटेक के नेता सदस्य देशों में स्थायी सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं। ईपीजी तेजी से बदलते क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीतिक और सुरक्षा गतिशीलता में बिम्सटेक को पुनर्जीवित करने के लिए एक रोड मैप तैयार करेगा।
- ईपीजी की पहली बैठक 25 जनवरी 2024 को ढाका में हुई। दूसरी बैठक 11-12 मार्च 2024 को ढाका में हुई और अगली चौथी बैठक 23-25 जून 2024 को होगी।
- ईपीजी को 2024 में थाईलैंड में होने वाली छठी बिम्सटेक शिखर बैठक से पहले अपनी सिफारिश प्रस्तुत करनी है।
बिम्सटेक के सदस्य
- प्रारंभ में, इसमें बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड सदस्य देश थे। बाद में, 1997 में म्यांमार को शामिल कर इसका विस्तार किया गया। 2004 में नेपाल और भूटान इस संगठन में शामिल हुए और इसके सदस्यों की कुल संख्या सात हो गई ।
सहयोग के क्षेत्र
- बिम्सटेक ने (i) व्यापार, निवेश और विकास (ii) पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन (iii) सुरक्षा; उप-क्षेत्र: आतंकवाद-रोधी और अंतरराष्ट्रीय अपराध; आपदा प्रबंधन; ऊर्जा (iv) कृषि और खाद्य सुरक्षा; उप-क्षेत्र: कृषि; मत्स्य पालन और पशुधन (v) लोगों से लोगों का संपर्क; उप-क्षेत्र: संस्कृति; पर्यटन; लोगों से लोगों का संपर्क (vi) विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार; उप-क्षेत्र: प्रौद्योगिकी; स्वास्थ्य; मानव संसाधन विकास (vii) कनेक्टिविटी ,सदस्य देशों के बीच सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।
बिम्सटेक की शिखर बैठक
- शिखर बैठक संगठन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली फॉरम है । शिखर बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल होते हैं। भारत के प्रधान मंत्री बिम्सटेक शिखर बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- बिम्सटेक की पहली शिखर बैठक 2004 में बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की गई थी।
- दूसरी शिखर बैठक 2008 में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
- तीसरा शिखर सम्मेलन 2014 में नेपीडॉ, म्यांमार में आयोजित किया गया था।
- चौथी शिखर बैठक 2018 में काठमांडू, नेपाल में आयोजित की गई थी।
- 5वीं शिखर बैठक 2022 में श्रीलंका द्वारा आयोजित एक आभासी बैठक थी।
- छठी शिखर बैठक की मेजबानी 2022 में थाईलैंड द्वारा की जाएगी।
