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भूटान सरकार ने संपूर्ण एशिया में बाघों और उनके आवासों के संरक्षण के लिये आगामी दशक में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने के लिये पृथ्वी दिवस, 2024 पर सस्टेनेबल फाइनेंस फॉर टाइगर लैंडस्केप कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी की।

सस्टेनेबल फाइनेंस फॉर टाइगर लैंडस्केप सम्मेलन

  • दो दिवसीय सम्मेलन की मेज़बानी भूटान की रानी जेत्सुन पेमा वांगचुक के संरक्षण में की जाएगी।
  • इसका उद्देश्य बाघ परिदृश्यों के संरक्षण के लिये 10 वर्षों में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि एकत्रित करना है।
  • बाघ परिदृश्य का संरक्षण जैवविविधता को बनाए रखने, कार्बन को पृथक करने, 100 मिलियन से अधिक लोगों को संसाधनों की आपूर्ति करने और ग्रह के समग्र स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिये महत्त्वपूर्ण है।
  • इस सम्मेलन में टाइगर रेंज देश, अग्रगामी सोच रखने वाले सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के निवेशक, अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन, बाघ संरक्षण संघ और अन्य संरक्षण समूह भी उपस्थित थे।

सम्मेलन की मुख्य विशेषताएँ

  • दस बाघ रेंज वाले देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों ने अपने बाघ परिदृश्यों के संरक्षण के लिये प्रगति और महत्त्वाकांक्षाओं पर वक्तव्य दिये।
  • सम्मेलन का समापन भूटान की शाही सरकार द्वारा अपने उद्देश्य को दोहराते हुए ‘पारो वक्तव्य’ के साथ किया गया।

फंडिंग के अन्य स्रोत

  • वर्ष 2010 के बाद से ग्लोबल एन्वायरनमेंट फैसिलिटी ने बाघ संरक्षण के लिये वित्तपोषण में 197 मिलियन अमेरिकी डालर  से अधिक राशि प्रदान की है और सह-वित्त में 880 मिलियन अमेरिकी डाॅलर  जुटाए हैं।

इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस

  • भारत ने बिग कैट की सुरक्षा के लिये अपने नेतृत्व में एक मेगा वैश्विक गठबंधन शुरू करने का प्रस्ताव दिया है और 100 मिलियन अमेरिकी डाॅलर की गारंटीकृत फंडिंग के साथ पाँच वर्षों तक समर्थन का आश्वासन दिया है।
  • प्रस्तावित इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) सात प्रमुख बिग कैट- बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, प्यूमा, जगुआर और चीता की सुरक्षा एवं संरक्षण की दिशा में काम करेगा।
  • इस गठबंधन की सदस्यता 97 “रेंज” देशों के लिये खुली रहेगी, जिनमें इन बिग कैट का प्राकृतिक आवास, साथ ही अन्य इच्छुक राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय संगठन आदि शामिल हैं।
  • यह गठबंधन वर्ष 2022 में नामीबिया से चीतों के आगमन से प्रेरित है।
  • भारत विश्व का एकमात्र देश है जहाँ प्यूमा और जगुआर को छोड़कर बाघ, शेर, तेंदुए, हिम तेंदुए और चीते हैं।
  • इसलिये यह उचित होगा कि भारत संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे संगठन के तहत सभी बड़े देशों को एक साथ लाने का नेतृत्त्व करे।

IBCA की संरचना

  • एक ऐसी महासभा जिसमें सभी सदस्य देश शामिल होते हैं।
  • 5 वर्ष की अवधि के लिये महासभा द्वारा निर्वाचित कम-से-कम 7 तथा अधिकतम 15 सदस्य एवं देशों की एक परिषद एवं सचिवालय शामिल हैं।
  • महासभा एक विशिष्ट अवधि के लिये IBCA महासचिव की नियुक्ति करेगी।

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