शिपिंग क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग पर सरकार द्वारा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत ‘शिपिंग क्षेत्र में हरित हाइड्रोजन के उपयोग के लिए पायलट परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए योजना दिशानिर्देश’ जारी किए गए हैं।
दिशानिर्देश वित्त वर्ष 2025-26 तक 115 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ लागू किए जाएंगे।
एमएनआरई जीवाश्म ईंधन और जीवाश्म ईंधन-आधारित फीडस्टॉक को हरित हाइड्रोजन से बदलने के लिए शिपिंग क्षेत्र में पायलट परियोजनाओं को लागू करेगा।
इस योजना के तहत, इन पायलट परियोजनाओं को बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) और कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।
हरित हाइड्रोजन पर आधारित ईंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर बंदरगाहों में बंकरिंग और ईंधन भरने की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
योजना के घटक-ए के तहत शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) मौजूदा जहाजों की योजना कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) होगी।