केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और इटली के बीच प्रवासन एवं आवाजाही समझौते को पूर्वव्यापी मंज़ूरी दे दी।
भारत और इटली के बीच प्रवासन तथा आवाजाही समझौता
- यह समझौता भारत और इटली के बीच लोगों के संबंधों को प्रगाढ़ करते हुए अनियमित प्रवासन से संबंधित मुद्दों पर सहयोग को मज़बूत करने के लिये तैयार है।
- यह छात्रों, कुशल श्रमिकों, व्यावसायियों और युवा पेशेवरों सहित विभिन्न वर्गों के लिये आवाजाही की सुविधा प्रदान करता है, उनके बीच विनिमय तथा सहयोग को बढ़ावा देता है।
प्रमुख प्रावधान
- भारतीय छात्रों के लिये अस्थायी निवास: इटली में शैक्षणिक/व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रारंभिक पेशेवर अनुभव हासिल करने के इच्छुक भारतीय विद्यार्थियों को 12 महीने तक के लिये अस्थायी निवास की अनुमति दी जा सकती है।
- श्रमिकों के लिये आरक्षित कोटा: समझौता गैर-मौसमी और मौसमी भारतीय श्रमिकों के लिये कोटा की रूपरेखा तैयार करता है, जिसमें मौजूदा फ्लो डिक्री के तहत वर्ष 2023-2025 में आरक्षित कोटा सीमा शामिल है।
- इतालवी सरकार की वार्षिक “फ्लो डिक्री” (डिक्रेटो फ्लुसी) गैर यूरोपीय संघ के नागरिकों की अधिकतम संख्या निर्धारित करती है जो काम और स्व-रोज़गार के लिये इटली में प्रवेश कर सकते हैं।
क्रियान्वयन
- समझौता समाप्त होने तक स्वचालित नवीनीकरण के साथ 5 वर्षों तक लागू रहेगा।
- इसके कार्यान्वयन की देखरेख एक संयुक्त कार्य समूह (JWG) द्वारा की जाएगी, जो प्रगति का आकलन करने और कुशल निष्पादन के लिये सहायक उपाय सुझाने के लिये नियमित आधार पर बैठक करेगा।
इटली के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण तथ्य
- इटली जूते के आकार (boot-shaped) का प्रायद्वीप है जो दक्षिणी यूरोप से एड्रियाटिक सागर, टेरहेनियन सागर, भूमध्य सागर से घिरा हुआ है।
सीमावर्ती देश
- इसकी ऑस्ट्रिया, फ्राॅन्स, होली सी (वेटिकन सिटी), सैन मैरिनो, स्लोवेनिया और स्विट्ज़रलैंड के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ हैं।
- यह अल्बानिया, अल्जीरिया, क्रोएशिया, ग्रीस, लीबिया, माल्टा, मोंटेनेग्रो, स्पेन और ट्यूनीशिया के साथ समुद्री सीमाएँ भी साझा करता है।
