भारत और नेपाल ने हाल ही में विद्युत निर्यात के लिये एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। नेपाल-भारत संयुक्त आयोग की 7वीं बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच मज़बूत होते संबंधों पर प्रकाश डालते हुए इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गए।
नेपाल-भारत संयुक्त आयोग की 7वीं बैठक की मुख्य बातें
- विद्युत निर्यात समझौता: भारत और नेपाल ने अगले 10 वर्षों में 10,000 मेगावाट विद्युत के निर्यात के लिये द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये।
- सीमा पार ट्रांसमिशन लाइनों का उद्घाटन: तीन क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसमिशन लाइनों का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया, जिसमें 132 केवी रक्सौल-परवानीपुर, 132 केवी कुशहा-कटैया और न्यू नौतनवा-मैनहिया लाइनें शामिल हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग: नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के लिये नेपाल विद्युत प्राधिकरण और भारत के नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding – MoU) पर हस्ताक्षर किये गए।
- उपग्रह सेवा हेतु समझौता: नेपाल एकेडमी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के बीच नेपाल एकेडमी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित मुनाल सैटेलाइट के लिये सेवा समझौता लॉन्च किया गया।नेपाली छात्रों द्वारा विकसित यह उपग्रह भारतीय प्रक्षेपण रॉकेट पर निःशुल्क प्रक्षेपित किया जाएगा।
भारत और नेपाल के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
- करीबी पड़ोसियों के रूप में भारत और नेपाल मित्रता एवं सहयोग के अनूठे संबंधों को साझा करते हैं, जिसकी विशेषता एक खुली सीमा, दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तेदारी तथा मज़बूत सांस्कृतिक संबंध है।नेपाल पाँच भारतीय राज्यों- सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ 1850 किमी. से अधिक की सीमा साझा करता है।वर्ष 1950 की शांति और मित्रता की भारत-नेपाल संधि भारत एवं नेपाल के बीच मौजूद विशेष संबंधों का आधार है। सीमा पार लोगों की मुक्त आवाजाही की लंबी परंपरा रही है।
- आर्थिक सहयोग: भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार तथा विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत है, इसके अतिरिक्त भारत नेपाल के तीसरे देश के साथ व्यापार के लिये पारगमन सुविधा प्रदान करता है।नेपाल के व्यापारिक व्यापार में लगभग दो-तिहाई तथा सेवाओं के व्यापार में लगभग एक-तिहाई योगदान भारत का है।हाल ही में भारत और नेपाल पारगमन संधि (Treaty of Transit) तथा व्यापार संधि की समीक्षा करने, मौजूदा समझौतों में प्रस्तावित संशोधन, निवेश बढ़ाने की रणनीतियों, मानकों के सामंजस्य एवं व्यापार हेतु बुनियादी ढाँचे के समकालिक विकास पर सहमत हुए।
- रक्षा सहयोग: भारत रक्षा संबंधी उपकरण आपूर्ति तथा प्रशिक्षण प्रावधानों के माध्यम से नेपाल सेना के आधुनिकीकरण प्रयासों में सहायता कर रहा है।बटालियन स्तर पर संयुक्त सैन्य अभ्यास, ‘सूर्य किरण’, भारत तथा नेपाल दोनों देशों में क्रमिक आधार आयोजित किया जाता है। वर्ष 2023 में यह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आयोजित किया गया था।
- सांस्कृतिक सहयोग:नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास ने लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट तथा लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के सहयोग से दिसंबर 2023 में लुंबिनी में प्रथम भारत-नेपाल सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया।इस महोत्सव में बौद्ध धर्म पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत तथा नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं का प्रदर्शन किया गया।
- जल बँटवारा: कोशी समझौता (1954, वर्ष 1966 में संशोधित) तथा गंडक समझौता (1959, वर्ष 1964 में संशोधित) जल संसाधन क्षेत्र में भारत-नेपाल सहयोग को बढ़ावा देने वाले प्रारंभिक महत्त्वपूर्ण समझौते थे।एक अन्य महत्त्वपूर्ण समझौता, महाकाली संधि (1996) था जिसके तहत दोनों देशों के लिये महाकाली नदी के जल का उचित उपयोग सुनिश्चित किया गया।
- कनेक्टिविटी: भारत तराई क्षेत्र में 10 सड़कों को उन्नत करके, जोगबनी-विराटनगर तथा जयनगर-बर्दीबास में सीमा पार रेल संपर्क स्थापित करके एवं बीरगंज, विराटनगर, भैरहवा व नेपालगंज जैसे प्रमुख स्थानों पर एकीकृत चेक पोस्ट स्थापित करके नेपाल की मुख्य रूप से सहायता की।इसके अतिरिक्त भारत ने वर्ष 2021 में नेपाल को लगभग 2200 MU विद्युत का निर्यात किया।
