एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत में व्यक्तिगत आय असमानता में पिछले 8 वर्षों में काफी गिरावट आई है।
भारतीय स्टेट बैंक द्वारा जारी एक आर्थिक शोध रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2013-2014 और 2021-2022 के बीच भारत में व्यक्तिगत आय असमानता में काफी कमी आई है।
अध्ययन के अनुसार, कटौती का कारण आर्थिक पिरामिड के निचले छोर पर आय श्रेणियों के भीतर महत्वपूर्ण बदलाव है।
यह रिपोर्ट एसबीआई के आर्थिक अनुसंधान विभाग द्वारा जारी की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, कर योग्य आय के गिनी गुणांक के माध्यम से मापी गई आय असमानता वित्तीय वर्ष 2013-14 और 2021-22 के दौरान 0.472 से घटकर 0.402 हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 36.3% करदाता कम आय से उच्च आयकर श्रेणी में स्थानांतरित हो गए हैं।
रिपोर्ट से पता चलता है कि वित्तीय वर्ष 2013-2014 और 2021-2022 के दौरान शीर्ष 2.5% करदाताओं का आय योगदान 2.81% से घटकर 2.28% हो गया है।
रिपोर्ट से पता चलता है कि वित्तीय वर्ष 2013-2014 और 2021-2022 के दौरान 3.5 लाख रुपये से कम आय वाले लोगों की आय असमानता 31.8% से घटकर 15.8% हो गई है।
इसका मतलब यह है कि कुल आय में इस आय वर्ग का प्रतिशत जनसंख्या के सापेक्ष 16 प्रतिशत बढ़ गया है।