Fri. Apr 3rd, 2026
  • मिशन शक्ति के तहत सरकार ने “नारी अदालत” के एक घटक को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया।
  • 6 दिसंबर को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह बात बताई।
  • पहले चरण में इसे लागू करने के लिए असम और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को चुना गया है।
  • जम्मू-कश्मीर में इसे दो आकांक्षी जिलों – कुपवाड़ा और बारामूला में लागू किया जा रहा है।
  • असम में इसे सात ज़िलों बारपेटा, ग्वालपारा, दक्षिण सलमारा मनकाचर, उदालगुरी, दरांग, मोरीगांव और कामरूप में कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • मिशन शक्ति दिशानिर्देशों के तहत निर्धारित लागत के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान नारी अदालत कार्यान्वयन के लिए जम्मू-कश्मीर और असम को शत-प्रतिशत धनराशि जारी कर दी गई है।
  • केंद्र सरकार मिशन शक्ति योजना को महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए कार्यान्वित कर रही है।
  • सरकार की प्रतिबद्धता है कि महिलाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों का समाधान कर और उन्हें राष्ट्र-निर्माण में समान भागीदार बनाकर महिला-नेतृत्व में विकास को गति दी जाए।
  • मिशन शक्ति के अंतर्गत वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 3 हजार 144 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

Login

error: Content is protected !!