Tue. Apr 7th, 2026
  • प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24,104 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ प्रधान मंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) को मंजूरी दे दी है।
  • कुल 24,104 करोड़ रुपये में से केंद्र का हिस्सा 15,336 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 8,768 करोड़ रुपये होगा।
  • इसके तहत संबंधित मंत्रालयों के जरिए 11 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर खूंटी से इस अभियान की घोषणा की थी।
  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रधान मंत्री पीवीटीजी विकास मिशन शुरू किया जाएगा।
  • इसके बारे में बजट भाषण 2023-24 में घोषणा की गई थी।
  • यह पीवीटीजी परिवारों और बस्तियों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण तक बेहतर पहुंच, सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका के अवसरों जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करेगा।
  • अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना (डीएपीएसटी) के तहत अगले तीन वर्षों में मिशन को लागू करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजाति की आबादी 10.45 करोड़ थी, जिसमें से 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित 75 समुदायों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • ये पीवीटीजी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।

Login

error: Content is protected !!