शहरी नियोजन और विकास पर भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट 2023 को भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू द्वारा जारी की गई, जिन्होंने भारत के जी20 शेरपा और पूर्व श्री अमिताभ पंत के साथ मुख्य अतिथि (वस्तुतः) के रूप में कार्य किया।IIR 2023 IDFC फाउंडेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (कर्नाटक) लिमिटेड (iDeCK) तथा राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान का एक सहयोगात्मक प्रयास रहा है।
इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएँ
शहरी चुनौतियों पर विषयगत फोकस
- IIR उन प्रमुख विषयों का व्यवस्थित रूप से समाधान करता है जो भारत की शहरी चुनौतियों के केंद्र में हैं।
- इनमें योजना और शासन, स्मार्ट पहल, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) तथा वित्तपोषण, आवास एवं प्रवासन, सार्वजनिक सेवा वितरण, बुनियादी ढाँचे का एकीकरण और शहरी पुनर्विकास शामिल हैं।
योजना तंत्र की समीक्षा
- शहरों को “आवास के योग्य (Unlivable)” बनाने और मलिन बस्तियों के उद्भव में योगदान देने के लिये मौजूदा योजना तंत्र, विशेष रूप से भवन निर्माण पर प्रतिबंधों की आलोचना की गई है।
- शहरी चुनौतियों में एक प्रमुख कारक के रूप में खराब योजना की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है।
लो फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) और अव्यवस्थित शहरी विस्तार
- उच्च-घनत्व विकास और शहरी विस्तार (शहरों एवं कस्बों की अविकसित भूमि पर तेज़ी से विस्तार) पर लो फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) या फ्लोर एरिया अनुपात (FAR) के प्रभाव को रेखांकित करता है।
- लो फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) का मतलब है कि प्लॉट का एक छोटा क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यह एक भूखंड पर अधिकतम स्वीकार्य निर्माण घनत्व निर्धारित करने के लिये शहरी नियोजन में उपयोग किया जाने वाला एक पैरामीटर है।
- यह कम FSI को मलिन बस्तियों के निर्माण से जोड़ता है, जिसमें नियोजन त्रुटियों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, इससे जनसंख्या घनत्व बढ़ जाता है।
- इस रिपोर्ट के अनुसार, शहरों को पुनर्विकास नीति को अपनाना चाहिये, जिसमें उच्च फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के बदले निजी मालिकों से भूमि की पुनर्प्राप्ति पर बल दिया गया है।
- साथ ही यह गतिशील शहरों के निर्माण की वकालत करती है जिसमें शहरों के विकास के साथ-साथ वहन क्षमता में भी वृद्धि की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
शहरी स्थानीय निकायों का वित्तीय प्रबंधन
- इस रिपोर्ट में शहरी स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन के विश्लेषण पर प्रकाश डालते हुए वित्तीय स्थायित्व की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
- रिपोर्ट में PPP और नगरपालिका बंधपत्र (बॉण्ड) को शहरी विकास पहलों के वित्तपोषण के लिये महत्त्वपूर्ण उपकरणों के रूप में प्रचारित किया गया है।
- रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और ऊर्जा क्षेत्र में PPP में भारत अग्रणी रहा है, वहीं शहरी क्षेत्र में PPP की कम भागीदारी देखी गई है।
इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट
- IIR 2023 में भारत में शहरी विकास की वर्तमान स्थिति पर शहरी विकास एवं नीति पारिस्थितिकी तंत्र के 25 अध्याय शामिल हैं।
- वार्षिक रूप से प्रकाशित होने वाली यह रिपोर्ट बुनियादी ढाँचे के विकास से संबंधित समसामयिक विषयों से संबद्ध विधिक, राजकोषीय, विनियामक, तकनीकी, सामाजिक तथा वैचारिक पहलुओं की पहचान एवं विश्लेषण करने में सहायक रही है।
- यह शहरी नीति तैयार करने में शामिल लोगों के साथ-साथ भारत के बुनियादी ढाँचे व शहरीकरण के विकास में रुचि रखने वालों, जैसे- नीति निर्माताओं, निवेशकों, शिक्षाविदों, फाइनेंसर एवं बहुपक्षीय एजेंसियों के लिये एक अमूल्य संसाधन है।
