Tue. Jun 23rd, 2026

अंतर्राष्ट्रीय बायोस्फीयर रिज़र्व दिवस की दूसरी वर्षगाँठ, 3 नवंबर को मनाई जाती है, जो हमारे पर्यावरण की सुरक्षा एवं स्थिरता को बढ़ावा देने में बायोस्फीयर रिज़र्व (BR) के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालती है।इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन’  ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय सतत् तटीय प्रबंधन केंद्र के साथ साझेदारी में भारत के चेन्नई में 10वीं साउथ एंड सेंट्रल एशियन बायोस्फीयर रिज़र्व नेटवर्क मीटिंग (SACAM) का समापन किया।”रिज टू रीफ” (Ridge to Reef) थीम वाले SACAM कार्यक्रम ने दक्षिण तथा मध्य एशिया में सतत् पर्यावरण प्रथाओं के सहयोग पर सहमति प्राप्त की।

विश्व बायोस्फीयर रिज़र्व दिवस

  • यह दिवस जैवविविधता के संरक्षण एवं सतत् विकास को बढ़ावा देने में बायोस्फीयर रिज़र्व की भूमिका के महत्त्व को दर्शाता है।
  • यूनेस्को द्वारा वर्ष 2022 में स्थापित यह दिवस प्रतिवर्ष 3 नवंबर को मनाया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना तथा वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिज़र्व (WNBR) की उपलब्धियों को प्रदर्शित करना है।

बायोस्फीयर रिज़र्व

  • बायोस्फीयर रिज़र्व ‘सतत् विकास के लिये सीखने के स्थान (Learning Places)’ हैं।
  • वे संघर्ष की रोकथाम एवं जैवविविधता के प्रबंधन सहित सामाजिक और पारिस्थितिक प्रणालियों के बीच परिवर्तनों तथा अंतःक्रियाओं को समझने व उन्हें प्रबंधित करने के लिये अंतःविषय दृष्टिकोण का परीक्षण करने के लिये महत्त्वपूर्ण स्थल हैं।
  • वे ऐसे स्थल हैं जो वैश्विक चुनौतियों का स्थानीय समाधान प्रदान करते हैं। बायोस्फीयर रिज़र्व में स्थलीय, समुद्री एवं तटीय पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं।
  • प्रत्येक स्थल जैवविविधता के संरक्षण को उसके सतत् उपयोग के साथ सामंजस्य बिठाने वाले समाधानों को बढ़ावा देता है।

विशेषताएँ

बायोस्फीयर रिज़र्व में तीन मुख्य ज़ोन (क्षेत्र) शामिल हैं

  • मुख्य क्षेत्र/कोर एरिया सख्त प्रावधानों के साथ संरक्षित क्षेत्र है, जहाँ प्राकृतिक प्रक्रियाएँ एवं जैवविविधता संरक्षित हैं।
  • बफर ज़ोन मुख्य क्षेत्र से घिरा होता है, जहाँ मानवीय गतिविधियाँ संरक्षण एवं अनुसंधान उद्देश्यों के साथ संगत होती हैं।
  • संक्रमण क्षेत्र सबसे बाहरी क्षेत्र है, जहाँ सतत् विकास और मानव कल्याण को बढ़ावा दिया जाता है।
  • बायोस्फीयर रिज़र्व राष्ट्रीय सरकारों द्वारा नामांकित होते हैं और उन राज्यों के संप्रभु क्षेत्राधिकार में रहते हैं जहाँ वे स्थित हैं।
  • बायोस्फीयर रिज़र्व्स को यूनेस्को द्वारा मैन एंड द बायोस्फीयर (MAB) कार्यक्रम के तहत नामित किया गया है जिसे वर्ष 1971 में शुरू किया गया था।
  • MAB कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों और उनके पर्यावरण के बीच संबंधों में सुधार करना तथा प्राकृतिक एवं सामाजिक विज्ञान के एकीकरण को बढ़ावा देना है।
  • MAB कार्यक्रम सतत् विकास के लिये 2030 एजेंडा और 2020 के बाद के वैश्विक जैवविविधता फ्रेमवर्क के कार्यान्वयन का भी समर्थन करता है।
  • बायोस्फीयर रिज़र्व्स वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिज़र्व (WNBR) का हिस्सा हैं, जिसमें वर्तमान में 134 देशों में कुल 748 साइटें शामिल हैं, जिनमें 22 ट्रांसबाउंड्री साइटें शामिल हैं।
  • WNBR बायोस्फीयर रिज़र्व और उनके हितधारकों के बीच सूचना, ज्ञान एवं सर्वोत्तम पद्धत्ति के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है।
  • WNBR जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता हानि, गरीबी और महामारी जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिये सहयोग एवं नवाचार को भी बढ़ावा देता है।

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