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दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत सरोगेसी का लाभ उठाने वाली महिलाओं की पात्रता के साथ उनकी वैवाहिक स्थिति के संबंध पर सवाल उठाया है।याचिकाकर्त्ता ने सरोगेसी अधिनियम की धारा 2(1)(s) को चुनौती दी, जो 35 से 45 वर्ष की आयु के बीच भारतीय विधवाओं या तलाकशुदा महिलाओं के सरोगेसी का लाभ उठाने के अधिकार को सीमित करती है।याचिकाकर्त्ता की याचिका में उस नियम को भी चुनौती दी गई है जो एकल महिला (विधवा या तलाकशुदा) को सरोगेसी के लिये स्वयं के डिम्ब/अण्डाणु का उपयोग करने के लिये मज़बूर करता है। कई मामलों में महिला की उम्र अधिक होती है, इस स्थिति में उसके स्वयं के युग्मकों का उपयोग चिकित्सकीय रूप से अनुचित है तथा वह मादा युग्मकों के लिये एक दाता की तलाश करती है।

सरोगेसी

  • सरोगेसी एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक महिला (सरोगेट) किसी अन्य व्यक्ति या जोड़े (इच्छित माता-पिता) की ओर से बच्चे को जन्म देने के लिये सहमत होती है।
  • सरोगेट, जिसे कभी-कभी गर्भकालीन वाहक भी कहा जाता है, वह महिला होती है जो किसी अन्य व्यक्ति या जोड़े (इच्छित माता-पिता) के लिये गर्भ धारण करती है और बच्चे को जन्म देती है।

परोपकारी सरोगेसी

  • इसमें गर्भावस्था के दौरान चिकित्सा व्यय और बीमा कवरेज़ के अतिरिक्त सरोगेट माँ के लिये किसी मौद्रिक मुआवज़े को शामिल नहीं किया गया है।

वाणिज्यिक सरोगेसी

  • इसमें बुनियादी चिकित्सा व्यय और बीमा कवरेज़ से अधिक मौद्रिक लाभ या इनाम (नकद या वस्तु के रूप में) के लिये की गई सरोगेसी या उससे संबंधित प्रक्रियाएँ शामिल हैं।

सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021

  • सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के अनुसार, 35 से 45 वर्ष के बीच की आयु की विधवा या तलाकशुदा महिला तथा कानूनी रूप से विवाहित महिला और पुरुष के रूप में परिभाषित युगल सरोगेसी का लाभ उठा सकते है।
  • सरोगेसी के लिये इच्छित जोड़ा कानूनी रूप से विवाहित भारतीय पुरुष एवं महिला का होगा, पुरुष की आयु 26-55 वर्ष के बीच होगी तथा महिला की आयु 25-50 वर्ष के बीच होगी और उनका पहले से कोई जैविक, गोद लिया हुआ या सरोगेट बच्चा नहीं होगा।
  • यह व्यावसायिक सरोगेसी पर भी प्रतिबंध लगाता है, जिसके लिये 10 वर्ष का काराग्रह और 10 लाख रुपए तक का ज़ुर्माना हो सकता है। 
  • कानून केवल परोपकारी सरोगेसी की अनुमति देता है जहां कोई पैसे का आदान-प्रदान नहीं होता है, साथ ही सरोगेट मां का/की आनुवंशिक रूप से बच्चे की तलाश करने वालों के साथ कोई सम्बन्ध/ जान-पहचान होनी चाहिये।

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