Tue. Mar 31st, 2026

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC),डॉक्टरों के लिए एक राष्ट्र, एक पंजीयन  लॉन्च करेगा।राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने इसका पूरा खाका तैयार किया है, जिसे आगामी छह महीने में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर यह नियम लागू हो जाएगा।देश के सभी डॉक्टरों के पास 2024 के अंत तक एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनिक आइडी) प्रदान करने की योजना है।एक राष्ट्र, एक पंजीयन के जरिये प्रत्येक डॉक्टर को एक यूनिक आईडी दी जाएगी जो एक तरह से उसकी पहचान के रूप में कार्य करेगी। यह आईडी आयोग के एक आईटी प्लेटफॉर्म के साथ लिंक होगी जिस पर संबंधित डॉक्टर के सभी दस्तावेज, कोर्स, प्रशिक्षण और लाइसेंस के बारे में जानकारी उपलब्ध होगी।इस प्रक्रिया के तहत डॉक्टर को दो बार आईडी जारी की जाएगी। पहली बार जब वह एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेगा तो उसे अस्थायी नंबर दिया जाएगा एवं पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे स्थायी नंबर दिया जाएगा।वहीं, दूसरी ओर जो वर्तमान में प्रैक्टिस कर रहे हैं उन्हें सीधे तौर पर स्थायी आईडी जारी की जाएगी।

UID को तैयार करेगा EMRB

  • यूआइडी (UID) को एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (EMRB) द्वारा तैयार किया जाएगा।
  • इस कदम की घोषणा एनएमसी ने मई 2023  में की थी।
  • यह यूआइडी जीवन भर के लिए वैध होगी। डॉक्टर पोर्टल पर अपनी योग्यता अपडेट कर सकेंगे।

एक राष्ट्र, एक पंजीयन के लाभ

  • एक नाम के कई डॉक्टर हो सकते हैं, लेकिन अब यूनिक आईडी से हर किसी की पहचान अलग होगी।
  • मरीज भी अपने डॉक्टर की शिक्षा, अनुभव, लाइसेंस के बारे में जान सकेंगे।
  • वहीं, डॉक्टरों को अपने दस्तावेज के सत्यापन के लिए बार-बार संबंधित मेडिकल कॉलेज या सरकारी विभाग में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
  • यूनिक आईडी लेने के बाद कोई भी डॉक्टर देश के किसी भी राज्य में प्रैक्टिस के लिए संबंधित राज्य मेडिकल काउंसिल से पंजीयन करवा सकता है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग

  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग 33 सदस्यों का एक भारतीय नियामक निकाय है। यह चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा पेशेवरों को नियंत्रित करता है।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 25 सितंबर 2020 को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का स्थान लिया ।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग चिकित्सक की योग्यताओं, मेडिकल स्कूलों को मान्यता, चिकित्सकों को पंजीकरण प्रदान करना तथा मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की निगरानी करता है और भारत में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे का आकलन करता है।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।

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