- शिवशंकरी को 32वां सरस्वती सम्मान प्रदान किया गया।
- 12 अक्टूबर को, प्रसिद्ध लेखक और कार्यकर्ता शिवशंकरी को दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में वर्ष 2022 के प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया गया।
- उन्हें तमिल में लिखे गए उनके संस्मरण सूर्या वम्सम के लिए सम्मानित किया गया है।
- यह पुरस्कार उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने प्रदान किया।
- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अर्जन कुमार सीकरी की अध्यक्षता में एक चयन परिषद (चयन समिति) ने उनके काम का चयन किया था।
- उन्होंने 36 उपन्यास, 48 नॉवेलेट, 150 लघु कथाएँ, पाँच यात्रा वृतांत, सात निबंध संग्रह और तीन जीवनियाँ लिखी हैं।
- उन्होंने तमिल लघु कथाओं के दो संग्रह संकलित किए हैं।
- उनके कई कार्यों का कई भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी, जापानी और यूक्रेनी में भी अनुवाद किया गया है।
सरस्वती सम्मान
- इसकी शुरुआत 1991 में हुई थी। यह के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित है।
- यह भारतीय संविधान की अनुसूची VIII में 22 भाषाओं में से किसी एक में गद्य या कविता के लिए प्रतिवर्ष दिया जाता है।
- इसमें एक पट्टिका, एक प्रशस्ति पत्र और Rs. 15 लाख का नकद पुरस्कार शामिल है। यह पिछले 10 वर्षों के भीतर प्रकाशित कार्यों के लिए दिया जाता है।
- सरस्वती सम्मान सबसे पहले हरिवंश राय बच्चन ने जीता था।
