केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर/अर्द्धचालक आपूर्ति शृंखला साझेदारी के विकास पर भारत और जापान के बीच सहयोग ज्ञापन को मंज़ूरी दी है।बीते कुछ समय से भारत अर्द्धचालक आपूर्ति के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है, विशेषकर ऐसे समय में जब बहुत सारी कंपनियाँ सेमीकंडक्टर के लिये चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रही हैं, जो कि काफी लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन का केंद्र रहा है।
सहयोग ज्ञापन का महत्त्व
भारत-जापान के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग
- सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में भारत-जापान के बीच सहयोग ज्ञापन (MoC) उद्योग और डिजिटल प्रगति की दिशा में सेमीकंडक्टर के महत्त्व को चिह्नित करता है।
- इस सहयोग ज्ञापन पर सर्वप्रथम जुलाई में भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के बीच हस्ताक्षर किये गए थे।
भारत की महत्त्वाकांक्षाएँ
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में एक विश्वसनीय अभिकर्त्ता के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है, खासकर जब विभिन्न विदेशी कंपनियाँ कोविड महामारी के बाद से चीन पर निर्भरता के विकल्प तलाश रही हैं।
- भारत ने स्थानीय चिप उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये 10 अरब डॉलर की योजना शुरू की है, जिसमें माइक्रोन टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियाँ गुजरात में असेंबलिंग और पैकेजिंग केंद्र की स्थापना का कार्य शुरू कर चुकी हैं।
सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत-अमेरिका सहयोग
- भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका सेमीकंडक्टर चिप आपूर्ति शृंखला को मज़बूत बनाने के लिये परस्पर सहयोग कर रहे हैं। दोनों देशों ने लचीली वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला के निर्माण के लिये अपनी वचनबद्धता की पुष्टि की है।
भारत द्वारा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में किये जाने वाले प्रमुख निवेश
- माइक्रोचिप टेक्नोलॉजी और AMD जैसी अमेरिकी चिप कंपनियाँ अपने परिचालन का विस्तार करने तथा अनुसंधान और विकास केंद्र स्थापित करने के लिये भारत में लाखों डॉलर का निवेश कर रही हैं।
- इसके अतिरिक्त लैम रिसर्च एंड एप्लाइड मटेरियल्स भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इंजीनियरिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पर्याप्त निवेश की योजना तैयार कर रहा है।
सेमीकंडक्टर/अर्द्धचालक
- अर्द्धचालक एक ऐसी सामग्री है जिसमें सुचालक (आमतौर पर धातु) और कुचालक या ऊष्मारोधी (जैसे- अधिकांश सिरेमिक) के बीच चालन की क्षमता होती है।
- सेमीकंडक्टर का उपयोग डायोड, ट्रांज़िस्टर और एकीकृत सर्किट सहित विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है।
- कॉम्पैक्टनेस (आकार में काफी छोटे होने), विश्वसनीयता, ऊर्जा दक्षता और कम लागत के कारण ऐसे उपकरणों के काफी व्यापक अनुप्रयोग हैं।
- इनका उपयोग सॉलिड-स्टेट लेज़र, विद्युत उपकरणों और ऑप्टिकल सेंसर तथा प्रकाश उत्सर्जकों में अलग-अलग घटकों के रूप में किया जाता है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन
- ISM को वर्ष 2021 में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तत्त्वावधान में कुल 76,000 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ लॉन्च किया गया था।
- यह देश में स्थायी अर्द्धचालक और प्रदर्शन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिये व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है।
- इस कार्यक्रम का उद्देश्य अर्द्धचालक, डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग और डिज़ाइन इकोसिस्टम में निवेश करने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
घटक
भारत में सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने के लिये योजना
- यह सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना के लिये पात्र आवेदकों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है जिसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर वफर फैब्रिकेशन सुविधाओं की स्थापना हेतु बड़े निवेश को आकर्षित करना है।
भारत में डिस्प्ले फैब स्थापित करने के लिये योजना
- यह योजना डिस्प्ले फैब की स्थापना के लिये पात्र आवेदकों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य देश में TFT एलसीडी/AMOLED आधारित डिस्प्ले फैब्रिकेशन सुविधाओं की स्थापना के लिये बड़े निवेश को आकर्षित करना है।
भारत में कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स/सिलिकॉन फोटोनिक्स/सेंसर फैब और सेमीकंडक्टर असेंबलिंग, टेस्टिंग, मार्किंग एवं पैकेजिंग (एटीएमपी)/ओएसएटी सुविधाओं की स्थापना के लिये योजना
- यह योजना भारत में कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स/सिलिकॉन फोटोनिक्स (एसआईपीएच)/सेंसर (एमईएमएस सहित) फैब और सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) केंद्रों की स्थापना के लिये पात्र आवेदकों को पूंजीगत व्यय के 30% की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
डिज़ाइन लिंक्ड प्रोत्साहन (DLI) योजना
- यह इंटीग्रेटेड सर्किट (IC), चिपसेट, सिस्टम ऑन चिप्स (एसओसी), सिस्टम और IP कोर तथा सेमीकंडक्टर लिंक्ड डिज़ाइन के विकास एवं तैनाती के विभिन्न चरणों में बुनियादी ढाँचा व वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है।
