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सर्वोच्च न्यायलय ने अपने केस डेटा को राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (NJDC) पर एकीकृत किया है।जनता को मामलों की पारदर्शी जानकारी प्रदान करने के लिये ‘ओपन डेटा पॉलिसी (ODP)’ के हिस्से के रूप में NJDC के साथ एकीकरण।ODP नीतियों का एक समूह है, जो सरकारी डेटा को सभी के लिये उपलब्ध कराकर पारदर्शिता, जवाबदेही और मूल्य निर्माण को बढ़ावा देता है।

राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (NJDG)

  • NJDG पोर्टल देश भर के न्यायालयों के लंबित और निपटाए गए मामलों से संबंधित डेटा का एक राष्ट्रीय भंडार है।
  • यह ई-कोर्ट परियोजना के तहत एक ऑनलाइन मंच के रूप में बनाया गया 18,735 ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों तथा उच्च न्यायालयों के आदेशों, निर्णयों एवं मामले के विवरण का एक डेटाबेस है।
  • इसकी मुख्य विशेषता यह है कि डेटा वास्तविक समय में अपडेट किया जाता है और इसमें तालुका स्तर तक का विस्तृत डेटा होता है।
  • इसे ई-कोर्ट परियोजना के चरण II के भाग के रूप में बनाया गया था, जो एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • वर्तमान में वादी 23.81 करोड़ मामलों तथा 23.02 करोड़ से अधिक आदेशों/निर्णयों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

NJDG का विकास

  • इस प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा कंप्यूटर सेल, सर्वोच्च न्यायालय (SC) की रजिस्ट्री की इन-हाउस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट टीम के साथ समन्वय से विकसित किया गया है जिसमें एक इंटरैक्टिव इंटरफेस तथा एनालिटिक्स डैशबोर्ड शामिल है।

महत्त्व

  • NJDG मामलों की पहचान, प्रबंधन तथा लंबित मामलों को कम करने के लिये एक निगरानी उपकरण के रूप में काम करता है।
  • यह न्यायिक प्रक्रियाओं में विशिष्ट बाधाओं की पहचान करने में मदद करता है। उदाहरण के लिये, यदि किसी विशेष राज्य में भूमि विवादों की संख्या बढ़ जाती है, तो इससे नीति निर्माताओं को यह पता लगाने में मदद मिलती है क्या उस विशिष्ट कानून को अधिक सशक्त करने की आवश्यकता है।
  • यह कानून के विशेष क्षेत्रों से संबंधित इनपुट उत्पन्न करने में भी मदद करता है। उदाहरण के लिये, भूमि विवाद से संबंधित मामलों को ट्रैक करने के लिये 26 राज्यों के भूमि रिकॉर्ड डेटा को NJDG के साथ जोड़ा गया है।

वर्तमान में मामलों की लंबितता की स्थिति

  • वर्ष 2023 तक सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की कुल संख्या 64,854 है।
  • अगस्त 2023 में सर्वोच्च न्यायालय में 5,412 मामले दाखिल किये गए और 5033 मामलों का निपटारा किया गया।
  • सर्वोच्च न्यायालय में तीन जजों वाली पीठ के पास 583 मामले, पाँच जजों की पीठ के पास 288 मामले, सात जजों की पीठ के पास 21मामले और नौ जजों की पीठ के पास 135 मामले लंबित हैं, जिनमें से सभी दीवानी मामले हैं।

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