पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, यूरोपीय मधुमक्खियाँ शहरी इलाकों में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के प्रसार का पता लगाने के लिए प्रभावी बायोमोनिटरिंग एजेंट के रूप में काम कर सकती हैं।शोध में पाया गया कि मधुमक्खियाँ अपने पाचन तंत्र में प्रमुख एएमआर चालकों से जुड़े आनुवंशिक तत्वों को ले जा सकती हैं।
अध्ययन के प्रमुख बिंदु
- चूँकि भोजन की तलाश के दौरान यूरोपीय मधुमक्खियाँ मृदा, धूल, वायु, जल और पराग जैसे विभिन्न शहरी तत्त्वों में मौजूद दूषित पदार्थों के संपर्क में आती हैं, ये प्रभावी रूप से डेटा “क्राउडसोर्सिंग” के लिये एक विशिष्ट पर्यावरणीय विकल्प के रूप में काम करती हैं।
- चूँकि उनका जीवनकाल लगभग 4 सप्ताह तक का होता है, वे पर्यावरण में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के स्तर संबंधी त्वरित जानकारी प्रदान करने में मदद कर सकती हैं।
- शोधकर्ताओं ने मानव स्वास्थ्य के लिये खतरनाक प्रदूषण की पहचान करने में इन मधुमक्खियों के महत्त्व पर पर प्रकाश डाला है। उन्होंने 144 मधुमक्खियों के आँतों के बैक्टीरिया की जाँच के बाद AMR की निगरानी के लिये एक सार्वभौमिक मार्कर के रूप में क्लास 1 इंटेग्रोन्स (intI1) की खोज की।
- खोज में पाया गया कि शहरी क्षेत्र की 52% मधुमक्खियाँ intI1 पॉज़िटिव थीं।
- इंटेग्रोन्स नामक गतिशील DNA तत्त्व जीन (विशेष रूप से एंटीबायोटिक प्रतिरोध के लिये उत्तरदायी जीन) को एकत्रित करने और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने में सक्षम होता है।
- इसके अलावा शोधकर्ताओं ने ग्रेटर सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में नागरिक-वैज्ञानिक मधुमक्खी पालकों के स्वामित्व वाले 18 छत्तों में से प्रत्येक से आठ मधुमक्खियों की जाँच की।
- सभी छत्तों में से 80% मधुमक्खियों का एक या अधिक AMR लक्ष्यों के लिये सकारात्मक परीक्षण किया गया।
- बाँधों और झीलों जैसे जल निकायों के पास इनकी उच्च सांद्रता देखी गई।
यूरोपीय मधुमक्खियाँ
- यूरोपीय मधुमक्खियाँ (Apis mellifera) जिन्हें सामान्यतः पश्चिमी मधुमक्खी कहा जाता है, उनके दो जोड़े पंख होते हैं और काले या भूरे रंग के साथ उनके पेट/उदर पर विशिष्ट पीली धारियाँ देखी जाती हैं।
- वे खोखले पेड़ या घर की दीवार जैसी किसी गुहा में घोंसला बनाना पसंद करते हैं।
- IUCN रेड लिस्ट में उनका मूल्यांकन “डेटा की कमी” के रूप में किया गया है।
- यह प्रजाति मुख्य रूप से पूरे यूरोप में प्रबंधित मधुमक्खी कॉलोनियों में रहती है, हालाँकि विभिन्न प्रकार के आवासों में संभावित रूप से जंगली मधुमक्खी कालोनियाँ पाई जाती हैं।
- सामान्यतः यह प्रजाति समशीतोष्ण वनों, घास के मैदानों और यहाँ तक कि अर्द्ध-रेगिस्तानों में भी पाई जा सकती है।
