Tue. Mar 24th, 2026
  • अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में 25 वर्ष से कम आयु के भारतीय स्नातकों के बीच बेरोजगारी दर 42% तक रही।
  • कुल बेरोजगारी दर 2017-18 में 8.7 प्रतिशत से घटकर 2021-22 में 6.6 प्रतिशत हो गई।
  • हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी कर चुके 25 साल से कम उम्र के युवाओं में बेरोजगारी दर 21.4 फीसदी रही।
  • माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं के लिए बेरोजगारी दर क्रमशः 18.1 प्रतिशत और 15 प्रतिशत रही।
  • कुल स्नातकों के लिए बेरोजगारी दर 15% रही।
  • यह इंगित करता है कि कम शैक्षिक योग्यता के साथ बेरोजगारी की दर भी कम हो गई।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 60 प्रतिशत महिलाएं स्व-रोज़गार में हैं, जबकि महामारी से पहले यह आंकड़ा 50 प्रतिशत था।
  • इस रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के कारण रोजगार सृजन बाधित हुआ, जिससे संकटग्रस्त रोजगार में बड़ी वृद्धि हुई।
  • अपशिष्ट और चमड़े से संबंधित कार्यों में लगे अनुसूचित जाति के श्रमिकों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे छोटी फर्म के आकार में भी एससी-एसटी का प्रतिनिधित्व कुल कार्यबल में उनकी हिस्सेदारी की तुलना में कम है।
  • 2018 में, आकस्मिक वेतन वाले काम में शामिल एससी/एसटी पुरुषों में से 75.6 प्रतिशत के बेटे भी आकस्मिक वेतन वाले काम में शामिल थे।
  • 2018 में सामान्य वर्ग में केवल 53 फीसदी लोगों ही थे जिनके बेटे भी उसी काम में लगे हुए थे।

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