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संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता ने विश्व स्तर पर लोगों से कवक (fungi) के महत्व को उजागर करने के लिए जब भी वे ‘फ़्लोरा’ (वनस्पति) और फौना (जंतु) के साथ फंगा/funga (कवक) शब्द का उपयोग करने का भी आग्रह किया है। 

संयुक्त राष्ट्र जैवविविधता द्वारा ‘फंगा’ शब्द के उपयोग का आग्रह

  • संयुक्त राष्ट्र जैवविविधता के अनुसार, “अब कानूनी संरक्षण ढाँचे में वनस्पतियों और जीवों के साथ समान स्तर पर कवक की पहचान एवं उसे संरक्षित करने का समय आ गया है।”
  • यह पहली बार नहीं है जब फ्लोरा और फौना (वनस्पति और जीव) के साथ कवक को भी शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
  • इससे पहले IUCN के स्पीशीज़ सर्वाइवल कमीशन (SSC) ने घोषणा की थी कि वह अपने आंतरिक और सार्वजानिक संचार में “माइकोलॉजिकली समावेशी” भाषा का उपयोग करेगा तथा संरक्षण रणनीतियों में दुर्लभ एवं लुप्तप्राय वनस्पतियों और जीवों के साथ कवक को शामिल करेगा।
  • कवक, यीस्ट, फफूँद और मशरूम के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है क्योंकि ये अपघटन और वन पुनर्जनन, स्तनधारियों के पाचन, कार्बन पृथक्करण, वैश्विक पोषक चक्र और एंटीबायोटिक दवा के लिये महत्त्वपूर्ण हैं।

कवक

  • कवक या फंगस यूकेरियोटिक सूक्ष्मजीव या स्थूल जीवों का एक विविध समूह है जो वनस्पतियों, जीवों और बैक्टीरिया से अलग अपने स्वयं के जैविक साम्राज्य से संबंधित होते हैं।

विशेषताएँ

  • यूकैरियोट्स: वनस्पतियों, जीवों और प्रोटिस्ट की तरह कवक में जटिल झिल्लीबद्ध कोशिकांग तथा एक वास्तविक केंद्रक होता है।
  • हेटरोट्रॉफिक: कवक मुख्य रूप से डीकंपोज़र या सैप्रोफाइट्स होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपने परिवेश से जैविक पदार्थों को अवशोषित करके पोषक तत्व प्राप्त करते हैं।
  • एंज़ाइमों का स्राव: कवक जटिल जैविक यौगिकों को सरल पदार्थों में तोड़ने के लिये एंज़ाइमों का स्राव करते हैं, जिन्हें वे अवशोषित कर सकते हैं।

लाभ

पोषक तत्त्वों का आवर्तन

  • कवक पोषक तत्त्वों को पौधों के लिये सुलभ बनाने हेतु परिवर्तित किया जा सकता है, यह कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर डीकंपोज़र के रूप में कार्य करता है, जिससे पोषक तत्त्वों की साइक्लिंग और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

कार्बन साइक्लिंग और जलवायु विनियमन

  • कवक कार्बन चक्र में भाग लेकर मिट्टी के कार्बन भंडारण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कार्बनिक पदार्थों को विघटित करते हैं, मृत पौधों से कार्बन का चक्रण करते हैं और पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हैं।
  • माइकोरिजल कवक पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हैं, जिससे उन्हें पोषक तत्त्व ग्रहण करने में सहायता मिलती है।

भोजन के रूप में कवक

  • इसके अनेक लाभकारी अनुप्रयोग हैं। उदाहरण के लिये यीस्ट का उपयोग बेकिंग और शराब बनाने में किया जाता है। कवक पेनिसिलिन जैसे एंटीबायोटिक्स भी उत्पन्न करते हैं।
  • कुछ कवक, जैसे- मशरूम और ट्रफल्स, खाने योग्य हैं तथा व्यंजनों में बेशकीमती हैं। अन्य जैसे- फफूँद (Molds) का उपयोग पनीर बनाने में किया जाता है।

पर्यावरण संरक्षण

  • कवक को पर्यावरण से विभिन्न प्रदूषकों, जैसे- प्लास्टिक और अन्य पेट्रोलियम-आधारित उत्पादों, फार्मास्यूटिकल्स तथा व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों एवं तेल को कम करने में सहायक पाया गया है।

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