भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI) ने ‘विरासत भी, विकास भी’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, आगे आकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बेहतर रखरखाव और कायाकल्प में मदद करने के लिये “अडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0” कार्यक्रम शुरू किया।‘ई-अनुमति पोर्टल’ के लॉन्च के साथ-साथ ‘इंडियन हेरिटेज’ नामक एक उपयोग सुगम मोबाइल ऐप्लीकेशन लॉन्च किया गया है।
भारतीय विरासत ऐप और ई-अनुमति पोर्टल
इंडियन हेरिटेज ऐप
- इस ऐप में भारत की विरासती स्मारकों का प्रदर्शन किया जाएगा।
- ऐप में तस्वीरों के साथ स्मारकों का राज्यवार विवरण, स्मारक में उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं की सूची, भू-टैग किये गए स्थान और नागरिकों के लिये फीडबैक तंत्र की सुविधा होगी।
ई-अनुमति पोर्टल
- स्मारकों पर फोटोग्राफी, फिल्मांकन और विकासात्मक परियोजनाओं के लिये अनुमति प्राप्त करने के लिए एक ई-अनुमति पोर्टल पेश किया गया है।
- पोर्टल विभिन्न अनुमतियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेज़ी से ट्रैक करेगा और परिचालन व लॉजिस्टिक बाधाओं को हल करेगा।
एडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0 कार्यक्रम
- यह कार्यक्रम वर्ष 2017 में शुरू की गई पिछली योजना (एडॉप्ट ए हेरिटेज) का एक नया संस्करण है जो प्राचीन स्मारक और पुरातत्त्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम (AMASR), 1958 के अनुसार विभिन्न स्मारकों के लिये मांगी गई सुविधाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।
- हितधारक एक समर्पित वेब पोर्टल के माध्यम से किसी स्मारक पर विशिष्ट सुविधाओं को अपनाने हेतु आवेदन कर सकते हैं, जिसमें अंगीकरण/अडॉप्ट करने के लिये मांगे गए स्मारकों का विवरण शामिल है।
- एडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0 कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट हितधारकों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना है जिसके माध्यम से वे अगली पीढ़ियों के लिये इन स्मारकों के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
- इसकी अवधि प्रारंभ में पाँच वर्ष के लिये होगी, जिसे आगे और पाँच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ योजना
- यह पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, ASI और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास है।
- इसे 27 सितंबर 2017 (विश्व पर्यटन दिवस) पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा लॉन्च किया गया था।
- परियोजना का लक्ष्य ‘ज़िम्मेदार पर्यटन’ को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिये सभी भागीदारों के बीच तालमेल विकसित करना है।
- इसका उद्देश्य हमारी धरोहर और पर्यटन को अधिक सतत् बनाने की ज़िम्मेदारी लेने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, निजी क्षेत्र की कंपनियों एवं कॉर्पोरेट से जुड़े नागरिकों/व्यक्तियों को शामिल करना है।
- यह ASI द्वारा राज्य धरोहरों और देश के महत्त्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर विश्व स्तरीय पर्यटक बुनियादी ढाँचे तथा सुविधाओं के विकास, संचालन एवं रखरखाव के माध्यम से किया जाना है।
स्मारक मित्र
- एजेंसियाँ/कंपनियाँ ‘विज़न बिडिंग’ की अभिनव अवधारणा के माध्यम से ‘स्मारक मित्र’ बन जाएँगी, जहाँ धरोहर स्थल के लिये सर्वोत्तम दृष्टिकोण वाली एजेंसी को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility- CSR) वाली गतिविधियों के साथ गौरव जोड़ने का अवसर दिया जाएगा।
‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ के पीछे तर्क
- विरासत स्थलों को मुख्य रूप से विभिन्न बुनियादी ढाँचे के साथ-साथ सेवा संपत्तियों के संचालन और रखरखाव से संबंधित आम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
- तत्काल आधार पर बुनियादी सुविधाओं और दीर्घकालिक आधार पर उन्नत सुविधाओं के प्रावधान के लिये एक मज़बूत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।
